नसबंदी मामले में शाह ने की सीएम रमन से बात
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छत्तीसगढ़ में नसबंदी के बाद महिलाओं की मौत के मामले से भाजपा आलाकमान बेहद चिंतित है। उसे इस तरह की घटनाओं से सुशासन के अपने दावे के कमजोर पड़ने का डर सता रहा है।
विदेश दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्रवाई में देरी को लेकर मुख्यमंत्री रमन सिंह से दो बार बात की है वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी मामले पर नजर रखे हुए हैं।
लेकिन, कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी के सामने सियासी मजबूरी है कि वह स्वास्थ्य मंत्री अमर अग्रवाल से इस्तीफा नहीं ले सकती। ऐसा करने से विपक्ष को बैठे-बैठाए मुद्दा मिल जाएगा।
घटना के बाद से शाह ने फोन पर रमन सिंह से नाराजगी जाहिर की है। राज्य सरकार पर मामले के राष्ट्रीय स्तर पर उठने के बाद जगने के आरोप लगे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री पर गिर सकती है गाज
बताया जा रहा है कि वास्तविकता का पता लगाने के लिए शाह ने सूबे के संगठन नेताओं और अपने खास लोगों के मार्फत जानकारी जुटाई है।
इससे जो तस्वीर सामने आई है उसमें यह मामला डाक्टर की लापरवाही से कम और नकली दवाओं के कारोबार से ज्यादा जुड़ा लगता है। अमर अग्रवाल को स्वास्थ्य मंत्रालय देने को लेकर मुख्यमंत्री सिंह पर भी उंगली उठ रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के रूप में अग्रवाल की पहली पारी के दौरान दिसंबर 2012 में बागबहरा में एक ऐसा ही मामला सामने आया था। इसके बावजूद रमन सिंह ने अमर को फिर स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा सौंपा। उस वक्त नकली स्प्रिट के इस्तेमाल के कारण मोतियाबिंद का आपरेशन कराने वाले 11 लोगों के आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई थी।
वर्तमान घटना भी स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले बिलासपुर में हुई है। देर-सवेर स्वास्थ्य मंत्री अग्रवाल पर भी गाज गिरनी तय मानी जा रही है। चुनावी मौसम में विपक्ष को बड़ा मुद्दा न हाथ लग जाए इस डर ने अग्रवाल के खिलाफ कठोर कदम के लिए भाजपा आलाकमान के हाथ बांध रखे हैं।