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मासूम पर मां ने ढाया वो सितम, पढ़कर रो पड़ेंगे आप

Fri, 22 May 2015 02:50 AM IST
Updated Fri, 22 May 2015 02:50 AM IST
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step mother tortures her daughter

माता-पिता बच्चों के पोषक होते हैं, लेकिन बिजनौर के भवानीपुर गांव में एक सौतेली मां के शोषण ने एक बच्ची को कुपोषण का शिकार बना दिया। सौतेली मां के अत्याचारों से एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने बच्ची को मुक्त कराकर जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया, तो हकीकत सामने आई।

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चार साल की इस बच्ची का वजन महज साढ़े नौ किलो है। बच्ची की हालत देखकर चिकित्सकों का कलेजा भी मुंह को आ गया है। 24 घंटे बाद गुरुवार को बच्ची की सौतेली मां अस्पताल पहुंची।
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राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत गांव-गांव, घर-घर कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनका उपचार किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्री कामेश देवी चंदक ब्लॉक क्षेत्र के अपने गांव भवानीपुर पहुंची। अचानक एक साढ़े चार साल की बच्ची कशिश उनके सामने आ गई और खाने के लिए कुछ मांगा। बच्ची की हालत देख वह सकपका गई।
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बच्चे के बारे में उसने आसपास के व्यक्तियों से पता किया तो सच्चाई सामने आई। बच्ची व पड़ोसियों ने बताया कि उसकी मां की मौत हो चुकी है। सौतेली मां है, वह उसे खाना भी पूरा नहीं देती और उसके साथ मारपीट करती है। बच्चे के सिर, माथे व अन्य स्थानों पर चोट के निशान इस बात के गवाह हैं। आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने बच्ची को जिला अस्पताल में पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया है।

सौतेली मां को देखते ही हाथ जोड़ने लगी बच्ची

step mother tortures her daughter

गुरुवार को 24 घंटे बाद बच्ची की सौतेली मां जिला अस्पताल पहुंची। मां के जुल्मों से सहमी बच्ची डर गई। सौतेली मां को देखते ही बच्ची ने हाथ जोड़ लिए और कांपने लगी।

बच्ची को पोषण पुनर्वास केंद्र पर दो सप्ताह तक उपचारित किया जाएगा। डा. केके सिंह ने बताया कि शासन के नियम के मुताबिक वह इससे अधिक उसे वहां नहीं रख सकते हैं। बावजूद इसके यदि आवश्यकता पड़ी, तो वह स्वयं अपने खर्च पर बच्ची को वहीं उपचारित करेंगे।

बाल रोग विशेषज्ञ व पोषण पुनर्वास केंद्र के नोडल डॉ. केके सिंह ने बच्ची में उपेक्षित व प्रताड़ित है यानी बच्ची बेटर चाइल्ड सिंड्रोम के अंतर्गत आती है। इसके अंतर्गत बच्चों के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट करने के मामलों में सजा का भी प्रावधान है। इस मामले को वह प्रशासन को भी अवगत कराएंगे।

सीएमओ डा. राजकुमार का कहना है कि बच्चों को प्रताड़ित करना व भोजन न देना कानूनी जुर्म है। वह स्वयं बच्ची को दिखवाएंगे। बच्ची को उपचारित करने के लिए हरसंभव मदद की जाएगी। बार-बार पूछे जाने पर बच्ची की सौतेली मां ने अपने पक्ष में कुछ नहीं कहा।

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