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शिक्षामित्र मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक बरकरार

Thu, 25 Feb 2016 06:07 AM IST
Updated Thu, 25 Feb 2016 06:07 AM IST
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stay on high court order in shikshamitra matter increased upto 11 july

उत्तर प्रदेश में शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षकों के तौर पर नियुक्ति को निरस्त करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी है।

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न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह की पीठ ने बुधवार को हाईकोर्ट के फैसले पर रोक बरकार रखी है। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में हर पहलू पर विचार करना जरूरी है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक के तौर पर समायोजन को खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने कहा था कि बिना टीईटी के सहायक शिक्षक के तौर पर नियुक्ति नहीं हो सकती। इस फैसले को कई शिक्षामित्रों और उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

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सहायक शिक्षकों की भर्ती की सुनवाई अलग

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इस संबंध में राज्य सरकार का कहना है कि कुल एक लाख 72 हजार नियुक्तियां रद्द की गई है। इसे बड़े पैमाने पर लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार का कहना था कि यह मामला जनहित से जुड़ा हुआ हे।

एनसीटीई के 2011 के गाइडलाइंस के मुताबिक शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण देकर सहायक शिक्षक बनाया जा सकता है। वैसे भी राज्य में शिक्षकों की भारी कमी है।

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 72 हजार सहायक टीचरों की भर्ती मामले से संबंधित सुनवाई को शिक्षामित्रों की याचिका से अलग कर दिया। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने पीठ को बताया गया कि 1100 आवेदकों में से 825 की नियुक्ति कर दी गई है।

बुधवार को कुछ अन्य लोगों की ओर से याचिका दाखिल की गई। पीठ ने राज्य सरकार को इस पर विचार करने के लिए कहा है। राज्य सरकार को चार हफ्ते के भीतर इस संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा गया है। इस मामले पर अगली सुनवाई नौ मई को होगी।

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