तीस्ता सीतलवाड की गिरफ्तारी पर रोक बढ़ी
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सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड और उनके पति की गिरफ्तारी पर रोक को सुप्रीम कोर्ट ने बढ़ा दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अब यह मामला एक बड़ी पीठ को सौंप दिया है और जब तक यह पीठ इस मसले पर अपना फैसला नहीं सुनाती है सीतलवाड को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले गुजरात सरकार ने कहा था कि तीस्ता सीतलवाड और उनके पति जावेद आनंद को गिरफ्तार किया जाना चाहिए ताकि यह जांच की जा सके कि इस दंपति ने उस धन का दुरुपयोग किया था जिसे गुलबर्ग सोसाइटी के दंगा पीड़ितों की याद में एक म्यूजियम बनाने के लिए जुटाया गया था।
साल 2003 में अहमदाबाद में हुए इस दंगे के दौरान करीब 60 लोग मारे गए थे। गुजरात पुलिस का आरोप है कि सीतलवाड ने साल अपने एनजीओ के जरिए 2008 से 2012 के बीच 9.75 करोड़ रुपए जुटाए थे और उन्होंने इनमें से करीब 3.75 करोड़ रुपए ब्रांडेड कपडे, जूते और विदेश यात्राओं में खर्च कर दिए थे।
पहले भी लगी थी गिरफ्तारी पर रोक
पिछले माह ही सुप्रीम कोर्ट ने सीतलवाड को राहत देते हुए 19 फरवरी तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने तीस्ता को मामले की जांच में पुलिस का सहयोग करने को भी कहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार के वकील को सीतलवाड़ से जुड़े मामले पर कुछ अहम दस्तावेजों को 19 फरवरी के पहले पेश करने का आदेश दिया था।
वहीं कोर्ट ने वहीं कोर्ट ने सीतलवाड़ को भी उनके बचाव में अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने की अनुमति दी थी। इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने तीस्ता और उनके पति की अग्रिम ज़मानत की याचिका को ठुकरा दिया था जिसके बाद इन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।