फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   statement of saugat bose on netaji subhas chandra bose

'नेताजी के मामले में पीएम को जापानी प्रधानमंत्री से बात करनी चाहिए'

Sun, 24 Jan 2016 03:48 AM IST
Updated Sun, 24 Jan 2016 03:48 AM IST
विज्ञापन
statement of saugat bose on netaji subhas chandra bose

नेताजी के परिजन और तृणमूल कांग्रेस पार्टी से सांसद सौगत बसु ने श्निवार को कहा कि नेताजी के रहस्यमय तरीके से गायब होने के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे से बात करनी चाहिए।

विज्ञापन


मोदी के पिछले साल की जापान यात्रा के बारे में उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानता कि नेताजी के मामले में मोदी ने कुछ किया है या नहीं। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने अबे से नेताजी की रहस्यमय गुमशुदगी के बारे में कोई बात की होगी। उन्होंने रेंकोजी टेंपल जाकर अपना आदर भी प्रकट नहीं किया... लेकिन दूसरे प्रधानमंत्री जैसे जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और अटल बिहारी बाजपेयी यहां जाकर अपना आदर प्रकट कर चुके हैं।’
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि जापानियों ने नेताजी से जुड़ी सूचनाएं हमारे साथ साझा की हैं लेकिन मेरा मानना है कि मोदी को इस संदर्भ में टोक्यो, दिल्ली या वाराणसी में बातचीत करनी चाहिए थी। मुझे नहीं लगता कि उन्होंने अबे के साथ इस बारे में चर्चा की होगी। उन्होंने कहा कि जापान से ही सबसे पहले इस बात की जानकारी मिली थी कि अगस्त 1945 में क्या हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन


मोदी रूस भी गए लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि रूसी राष्ट्रपति से नेताजी के संदर्भ में कोई चर्चा की या नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने  रूसियों से इस बारे में संपर्क किया था। उन्होंने मांग की कि राव से हुई बातचीत का नतीजा भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

फाइलें पहले ही सार्वजनिक कर दी गई होतीं तो बेहतर होता

statement of saugat bose on netaji subhas chandra bose

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिजनों ने केंद्र सरकार की ओर से नेताजी से जुड़ी सौ गोपनीय फाइलों को जारी करने का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे नेताजी से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब सामने आएंगे।

नेताजी के भतीजे शिशिर कुमार बोस की पत्नी कृष्णा बोस ने हालांकि कहा कि अगर ये फाइलें पहले ही सार्वजनिक कर दी गई होतीं, तो बोस की मौत को लेकर इतने कयास नहीं लगाए जाते।

नेताजी की भतीजी चित्रा बोस ने भी इस पर खुशी जताते हुए कहा कि इन फाइलों का सावधानीपूर्वक अध्ययन करने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed