आजम बोले, 12वीं फेल अदाकारा तालीम की हालत क्या समझेंगी
यूपी के नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार मुसलमानों की तालीमगाहें छीनना चाहती है। आरएसएस और संविधान की किताबों में बुनियादी फर्क है। संविधान के अपमान पर सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए।
मोहम्मद आजम खां सोमवार को नगर स्थित मोहम्मद अली जौहर मोहम्मद इस्लाम इंटर कालेज सभागार में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान की दूसरी बड़ी आबादी के लिए परेशानी के दिन हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अक्लियती किरदार को खत्म करने के अलावा केंद्र सरकार हमारी तालीमगाहों को छीनना चाहती है। कहा कि केंद्र सरकार की नीयत ठीक नहीं है। इन हालात में सुप्रीम कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए।
ईरानी को कहा 12वीं फेल
नगर विकास मंत्री ने केंद्र की मानव संसाधन विकास मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि 12वीं फेल किसी टीवी सीरियल की अच्छी अदाकारा तो हो सकती है लेकिन वह तालीम के हालात को नहीं समझ सकती।
नगर विकास मंत्री बोले कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भारतीय संविधान की किताबों में बुनियादी फर्क है। संविधान की किताब देश को जोड़ती है जबकि संघ की किताब देश को तोड़ने का काम करती है।
उन्होंने कहा कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि मुसलमानों की हालत दलितों से भी बदतर है। उन्होंने बाबरी मस्जिद मामले में पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं।
प्रदेश की अपनी सपा सरकार के बार में दावे के साथ बोले कि वर्ष 2017 में पुन: भारी बहुमत से सपा की सरकार बनेगी। हमारी सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र के मुताबिक सभी वादे पूरे कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली और बिहार प्रदेश के विधानसभा चुनाव परिणामों ने बता दिया है कि देश की जनता के बीच भाजपा की क्या हैसियत है।