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संघ की पसंद ने प्रदेश अध्यक्ष के लिए फंसाया पेच

Tue, 09 Feb 2016 05:58 AM IST
Updated Tue, 09 Feb 2016 05:58 AM IST
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state president for bhartiya janta party for uttar pradesh

उत्तरप्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद को लेकर फंसी गुत्थी जल्द सुलझने के आसार हैं। अध्यक्ष पद को लेकर रविवार से शुरू हुई शीर्ष नेताओं की मैराथन बैठकों का दौर अनौपचारिक तौर पर सोमवार को भी जारी रहा। इस मामले में एक नया पेच भी फंसता दिख रहा है।

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संघ की ओर से लखनऊ के पूर्व महापौर एवं पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा का नाम आगे किए जाने के बाद भाजपा आलाकमान की उलझनें और बढ़ गई हैं। लेकिन पार्टी के आला नेताओं ने अध्यक्ष पद मामले के जल्द समाधान की बात कही है। बताया जा रहा है कि अगले एक सप्ताह के भीतर सूबे को नया अध्यक्ष मिल जाएगा।
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वहीं मुख्यमंत्री का चेहरा पेश किए जाने के मामले पर पार्टी आलाकमान अभी पुराने रुख पर कायम है। किसी को बतौर मुख्यमंत्री उम्मीदवार पेश नहीं किया जाएगा। इसके अलावा क्षेत्रवार अलग-अलग नेताओं को फोकस किया जाएगा। चुनावी रणनीति के लिहाज से पार्टी ने यूपी को आठ क्षेत्रों में बांट रखा है। हर क्षेत्र में एक चेहरे को आगे रखा जाएगा।

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ब्राह्मण वोट खिसकने का डर

state president for bhartiya janta party for uttar pradesh

सूत्रों के अनुसार धर्मपाल सिंह और स्वतंत्र देव सिंह के नाम को लेकर जारी सियासी खींचतान के बीच संघ ने अध्यक्ष पद के लिए दिनेश शर्मा के नाम को भाजपा आलाकमान के सामने आगे बढ़ाया है। उनका नाम आगे आने के बाद पिछड़ा वर्ग को अध्यक्ष बनाने की पार्टी आलाकमान की पहले से तय रणनीति फंसती दिख रही है।


लेकिन पिछड़ा वर्ग को साधने की कवायद में भाजपा को अपना ब्राह्मण वोट खिसकने का डर सता रहा है। शर्मा का नाम आगे कर पार्टी अपने कोर वोट को बचाए रख सकती है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार यूपी अध्यक्ष पद का निर्णय जल्द (सप्ताह के अंदर) हो जाएगा।

यदि शर्मा अध्यक्ष बने तो किसी पिछड़ी जाति के नेता को चुनाव प्रबंधन समिति की कमान दी जा सकती है। पिछड़ी जाति के नेता को अध्यक्ष बनाने की सूरत में शर्मा या फिर किसी अन्य ब्राह्मण नेता को चुनाव प्रबंधन की कमान दी जा सकती है।

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