वाराणसी में मची भगदड़, 25 महिलाएं हुईं बेहोश
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पुलिस के बल प्रयोग से भी कुछ लोगों को चोटे लगी जिन्हें इलाज के लिए निकट अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने माना की व्यवस्था में कमी के चलते लोगों को दिक्कतों को सामना करना पड़ा है।
संतान प्राप्ति की कामना और रोगों से निवृत्ति के लिए रविवार को लोलार्क कुंड पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ के आगे प्रशासन के सारे इंतजाम छोटे पड़ गए। ढाई फीट की संकरी गली से प्रवेश बंद करने और चार स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाने के बाद भी आस्थावानों को न तो सुविधा मिल सकी न राहत।
धक्कामुक्की में पचासों लोग एक-दूसरे पर गिरकर घायल हुए। सड़क पर लगी बैरिकेडिंग के पास रोके गए श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाने के लिए वाटर कैनन से बौछार करने के साथ ही फायर बिग्रेड के वाहन से भी वाटर फागिंग कराई गई। बावजूद इसके उमस के चलते महिलाओं के अचेत होने का सिलसिला जारी रहा।
जिलाधिकारी ने माना व्यवस्था में थी कमी
लोलार्क कुंड पर चार बजे भोर में ही दंपतियों की भीड़ का दबाव बढ़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। भीड़ को काबू करने के लिए अस्सी में मारवाड़ी सेवा संघ के अलावा भदैनी में दो जगहों पर बैरिकेडिंग लगाई गई थी। मगर भीड़ के दबाव के आगे इंतजाम नाकाफी साबित हुए।
कुंड पर अहरौरा की आरती, चंदौली की खुशबू समेत 25 से अधिक महिलाएं अचेत हो गईं। कुछ को हेल्थ केयर यूनिट में ले जाया गया। कुछ को पानी के छींटे मार कर होश में लाया गया।
दिन के करीब 11 बजे अस्सी की ओर से बैरिकेडिंग पार कर रहे गाजीपुर के अधिवक्ता लाखेश्वर सिंह और उनकी पत्नी पुष्पा पर दारोगा ने लाठी चला दी। इससे उनकी उंगली फट गई। लहूलुहान अधिवक्ता को पास के ही आलोक हेल्थ केयर में ले जाया गया, जहां सीएमओ दफ्तर के चिकित्सक डॉ. देवेंद्र ने उनकी मरहम पट्टी की।
देर शाम उन्होंने कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया। इससे पहले तुलसी घाट जाने वाले मोड़ से श्रद्धालुओं की भीड़ पर वाटर कैनन से पानी की बौछार की गई। पुलिस का कहना था कि इससे भक्तों को राहत मिलेगी। एसपी सिटी सुधाकर यादव भी मौके पर डटे रहे।