डिप्टी कलेक्टर की पिटाई कर SSP ने खड़ा किया 'धर्मसंकट'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांठ में भले ही अनजाने में लेकिन एसएसपी धर्मवीर सिंह ने डिप्टी कलेक्टर की पिटाई करके अफसरों को ‘धर्मसंकट’ में डाल दिया है। क्या कहें। कप्तान की गलती बताएं या फिर गलतफहमी। एक तरफ उनका साथी डिप्टी कलेक्टर विजयपाल है तो दूसरी तरफ जिले का एसएसपी।
नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं कि क्या सॉरी बोलकर बात खत्म हो सकती है। अगर जिले का एसएसपी प्रशासनिक अधिकारियों को नहीं पहचानता तो यह तो और भी गलत है।
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने डिप्टी कलेक्टर विजयपाल सिंह को कांठ में उस वक्त पीटा था जब भाजपा के कुछ लोग महापंचायत स्थल में घुसने की कोशिश कर रहे थे। डिप्टी कलेक्टर ने तत्काल भाजपा नेताओं को पकड़ा और थाने ले जाने लगे।
क्या पुलिस कप्तान किसी को पीट सकते हैं?
इसी दौरान एसएसपी धर्मवीर सिंह पहुंचे और उन्होंने डिप्टी कलेक्टर विजयपाल सिंह पर थप्पड़ बरसाने शुरू कर दिए। उस वक्त यहां दूसरे अधिकारी भी मौजूद रहे। इसी दौरान पास में खड़े तहसीलदार यहां आए और कहा कि यह डिप्टी कलेक्टर हैं।
इस पर पुलिस कप्तान ने कहा कि वह भाजपा कार्यकर्ता समझ बैठे थे। लेकिन एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या पुलिस कप्तान किसी को भी पीट सकते हैं। अब वह सॉरी बोलते फिर रहे हैं। शनिवार को कांठ थाने में जब डिप्टी कलेक्टर विजयपाल पहुंचे तो पुलिस कप्तान ने उन्हें बुलाकर फिर सॉरी कहा। कह रहे हैं कि वह पहचान नहीं पाए थे। उन्हें मुरादाबाद में आए हुए सोलह दिन हो चुके हैं। इस बीच में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कई दफा मीटिंग हुई। महापंचायत को लेकर ही अफसरों की रोज बैठक हो रही है। कांठ के पूर्व एसडीएम को न पहचानना भी बताता है कि पुलिस और प्रशासनिक अमले में वह संबंध नहीं रहे हैं।
'मैं क्या कहूं वो बड़े अफसर हैं'
कांठ में एसडीएम रह चुके और मौजूदा समय में एसीएम प्रथम विजय पाल सिंह का कहना है कि बड़े अधिकारी के बारे में क्या कह सकते हैं। जिस वक्त एसएसपी पहुंचे थे उस समय हालात भी ऐसे ही थे। गलतफहमी हो सकती है। वह दो-दो दफा सॉरी भी बोल चुके हैं। शुक्रवार को डीएम के सामने माफी मांगी थी तो शनिवार को थाने में सॉरी बोला।