एसएससी का पर्चा फिर लीक, कई गिरफ्तार
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कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल) परीक्षा में रविवार को चौतरफा नकल हुई। परीक्षा के दौरान मोबाइल, इलेक्ट्रानिक गैजेट्स और हल प्रश्नपत्र की कापी सहित कई अभ्यर्थी पकड़े गए। परीक्षा के दौरान एक बार फिर से सबसे अधिक 11 नकलची मेरठ से पकड़े गए। जबकि बरेली एवं आगरा से छह-छह, इलाहाबाद एवं गोरखपुर से चार-चार, कानपुर-भागलपुर से तीन एवं लखनऊ-वाराणसी, पटना से एक-एक नकलची पकड़े गए।
एसएससी-सीएचएसएल की पहले दो चरणों की परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकलचियों की धर-पकड़ के बाद अब आखिरी चरण की परीक्षा में रिकार्ड 40 नकलचियों को पकड़ा गया। पकड़े गए नकलचियों में मोबाइल से नकल, ब्लूटुथ के जरिए नकल, प्रश्नपत्र की पहल पर्ची के साथ नकल करने के बड़े मामले सामने आए। इलाहाबाद में कुल चार परीक्षार्थियों को नकल के आरोप में पकड़ा गया।
इसमें तीन अभ्यर्थियों को मेरी लूकस स्कूल एवं कॉलेज में तथा एक को श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल से पकड़ा गया। मेरी लूकस में पकड़े गए तीनों अभ्यर्थी प्रश्नपत्र की हल कॉपी के साथ पहुंचे थे, पकड़े गए परीक्षार्थियों में बागपत के मनीष कुमार, रोहतक हरियाणा के परमजीत, झज्जर हरियाणा के पवन कुमार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त श्री महाप्रभु पब्लिक स्कूल में खगड़िया बिहार के राजकुमार को मोबाइल के जरिए नकल करते पकड़ा गया। इस परीक्षार्थी का प्रश्नपत्र पटना में हल किया जा रहा था। इसको जैमर के जरिए पकड़ने में सफलता मिली। लखनऊ, पटना में पकड़े गए दोनों परीक्षार्थी दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे थे। इसके अतिरिक्त मेरठ, बरेली, भागलपुर, आगरा, गोरखपुर में पकड़े सभी नकलची प्रश्नपत्र की हल कॉपी के साथ पहुंचे थे।
13 शहरों के 515 केन्द्रों पर हुई परीक्षा
एसएससी मध्य क्षेत्र की ओर से रविवार को 13 शहरों के 515 केन्द्रों पर हुई परीक्षा में पंजीकृत 458524 परीक्षार्थियों में से 54.04 फीसदी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त इलाहाबाद में 65 केन्द्रों पर पंजीकृत 58920 परीक्षार्थियों में से 46.22 फीसदी, लखनऊ में 132 केन्द्रों पर 121626 परीक्षार्थियों में से 57.31 फीसदी एवं पटना के 49 केन्द्रों पर पंजीकृत 43200 परीक्षार्थियों में से 62.75 फीसदी उपस्थित रहे।
मेरठ में 11 नकलची दबोचे
मेरठ में एसएससी की एलडीसी परीक्षा का भी पर्चा लीक हो गया है। रविवार को हुई परीक्षा के दौरान एसटीएफ और कर्मचारी चयन आयोग के संयुक्त चेकिंग अभियान में एसडी सदर इंटर कॉलेज से 11 नकलची दबोचे गए। इन्हें जेल में बंद अरविंद राणा के गिरोह ने पेपर लीक कर आंसर-की मोबाइल पर मैसेज के जरिए उपलब्ध कराई थी।
पर्चा लीक होने की सूचना पर कर्मचारी चयन आयोग के पर्यवेक्षक और सेक्टर मजिस्ट्रेट ने एसटीएफ नोएडा की टीम साथ लेकर सदर थाना क्षेत्र स्थित केंद्र एसडी सदर इंटर कॉलेज में पहली पाली (10 से 12 बजे) की परीक्षा में चेकिंग कराई। इस दौरान अभ्यर्थी अमित कुमार और सतेंद्र कुमार को नकल करते पकड़ा गया। इनके पास से नकल के लिए बनाकर लाई गई पर्चियां बरामद हुईं। इस पर परीक्षा कक्ष के बाहर रखा अभ्यर्थी अमित का मोबाइल चेक किया, तो उसमें आंसर-की मिली। दोनों अभ्यर्थियों को सदर बाजार थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
इसके बाद दूसरी पाली की परीक्षा दो से चार बजे हुई। उसमें भी टीम ने चेकिंग कराई, तो नौ अभ्यर्थियों को इसी तरह पर्ची से नकल करते पकड़ा गया। पकड़े गए सभी अभ्यर्थियों के खिलाफ केंद्र व्यवस्थापक ब्रजभूषण बंसल और राजकुमार त्यागी ने केस दर्ज कराया। नकल में प्रयुक्त पर्ची और वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है, जिसके मैसेज बॉक्स में आंसर-की मिली। सीओ एसटीएफ अनित कुमार का कहना है कि अभ्यर्थियों से पूछताछ में कई नाम मालूम चले हैं, जिन्होंने पेपर लीक करने के बाद आंसर-की इन लोगों को उपलब्ध कराई। पेपर लीक कराने वाले लोग अरविंद राणा के गिरोह से ही जुड़े हैं। अरविंद इन दिनों मुजफ्फरनगर जेल में बंद है।
लगातार तीसरी बार पर्चा लीक:
लगातार तीसरे हफ्ते एसएससी का पर्चा लीक हुआ है। दो नवंबर को आयोजित परीक्षा में एसटीएफ ने एसडी सदर इंटर कॉलेज से ही नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद नौ नवंबर को हुई परीक्षा में हल्द्वानी सहित कई केंद्रों पर पर्चा लीक हुआ था। इसमें भी मेरठ, बागपत और मुजफ्फरनगर के अभ्यर्थी पकड़े गए थे।
33 मिनट पहले लीक हो चुका था पर्चा
मेरठ में 14 दिन के भीतर दूसरी बार एसएससी परीक्षा का पर्चा लीक हुआ है। इस बार चौंकाने वाली यह बात सामने आई कि परीक्षा शुरू होने से ठीक 33 मिनट पहले ही आंसर-की अभ्यर्थी के मोबाइल फोन पर एसएमएस की गई। इसके बाद नकल की पर्चियां बनाकर अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में ले गए। आशंका है कि कर्मचारी चयन आयोग से भी कोई व्यक्ति पर्चा लीक कराने वाले गिरोह से जुड़ा है।
इस बात का खुलासा एसडी सदर इंटर कॉलेज में एसएससी परीक्षा की पहली पाली में अभ्यर्थी अमित और सतेंद्र को पकड़ने पर हुआ। अमित के मोबाइल फोन में 9:27 बजे मैसेज आया। इसमें पूरी आंसर-की कोड में लिखी थी। अहम सवाल यह है कि एसएससी का पर्चा बार-बार लीक हो रहा है। एसटीएफ नकल करने वाले अभ्यर्थियों की धरपकड़ तो कर रही है, मगर पर्चा लीक कराने वाले सरगना तक कोई नहीं पहुंच पा रहा है।
रविवार को हुई गिरफ्तारी के बाद भी एसटीएफ ने दावा किया कि जेल में बंद बड़ौत के अरविंद राणा के गिरोह से जुड़े लोगों ने ही पर्चा लीक कराया है। मगर पर्चा लीक कहां से हुआ, ये पता नहीं चला। गौरतलब है कि, दो नवंबर को भी एसटीएफ ने एसडी सदर इंटर कॉलेज से एसएससी की परीक्षा में नकल करने वाले अभ्यर्थी और उनके अभिभावकों को गिरफ्तार किया था। तब भी अरविंद राणा से जुड़े लोगों द्वारा पर्चा लीक कराने की बात सामने आई थी। मालूम चला है कि अभ्यर्थियों से पर्चा लीक कराने वालों ने तीन से चार लाख रुपये में आंसर-की उपलब्ध कराने का सौदा किया था। तय सौदे के मुताबिक कुछ रुपया एडवांस भी अभ्यर्थियों से लिया गया था।
गेट पर नहीं हुई चेकिंग:
एसडी सदर इंटर कॉलेज में दो परीक्षा केंद्र बनाए गए। एक केंद्र के व्यवस्थापक ब्रजभूषण बंसल और दूसरे के राजकुमार त्यागी रहे। कर्मचारी चयन आयोग के पर्यवेक्षक और एसटीएफ की टीम को पर्चा लीक होने पर नकल का पता चला, मगर नकल की पर्चियां लेकर केंद्र में प्रवेश करने वाले अभ्यर्थियों को गेट पर नहीं पकड़ा जा सका। इससे जाहिर है कि कॉलेज के गेट से अभ्यर्थियों को प्रवेश कराते वक्त चेकिंग नहीं की गई।
हर बार नया नाम आता है सामने:
दो नवंबर को एसडी सदर में गिरोह पकड़ा गया, तो अरविंद राणा से जुड़े राहुल का नाम सामने आया। तब एसटीएफ ने दावा किया था कि राहुल ने ही पर्चा लीक कराकर अभ्यर्थियों तक भेजा। इसके बाद हल्द्वानी में नौ नवंबर को परीक्षा के दौरान पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद बताया गया कि मेरठ के पंकज धामा ने पर्चा लीक कराया। अब रविवार को एसडी सदर में अभ्यर्थियों की धरपकड़ के बाद एसटीएफ का कहना है कि पर्चा लीक कराने वाले तीन लोगों के नाम मालूम चले हैं, जिनमें एक नाम सचिन है और वह भी बड़ौत का रहने वाला है। सचिन को भी अरविंद राणा के गिरोह से जुड़ा बताया गया है।
दो नवंबर को पकड़े गए थे नौ आरोपी:
एसटीएफ मेरठ की टीम ने दो नवंबर को एसडी सदर में एसएससी की परीक्षा के दौरान नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तब खुलासा हुआ था कि वाट्सएप के जरिये आंसर की उपलब्ध कराई गई थी। गिरफ्तार आरोपियों में सीबीआई के दिल्ली स्थित दफ्तर में तैनात सिपाही राज सिंह और ऑर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया में कार्यरत क्लर्क नीरज खाबड़ा को भी जेल भेजा गया था।
एसएससी परीक्षा में सॉल्व पेपर के साथ तीन पकड़े
गोरखपुर में एसएससी की परीक्षा में रविवार को चार युवक सॉल्व पेपर के साथ पकड़े गए। इनमें एक दूसरे की जगह परीक्षा दे रहा था। पूछताछ के दौरान एक युवक भाग गया। तीन को हिरासत में लेकर शाहपुर पुलिस पूछताछ कर रही है। सभी आरोपी बागपत और हरियाणा के रहने वाले हैं।
चरगांवा स्थित जनता इंटर कॉलेज में रविवार सुबह 10 बजे एसएससी (स्टाफ सेलेक्शन कमीशन) की परीक्षा शुरू हुई थी। कक्ष संख्या तीन में सेक्टर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार और कक्ष निरीक्षक सदानंद चौबे ने मुरारी नाम के अभ्यर्थी को नकल करते पकड़ लिया। उसने अपना पता तेवरी, गुन्नौर, हरियाणा बताया। उसके पास से जो नकल की पर्ची मिली उस पर मौजूद सवालों के हल ठीक उसी क्रम में थे, जिस क्रम में प्रश्नपत्र में सवाल थे। इससे पेपर लीक होने का संदेह गहराने पर दूसरे कमरों के परीक्षार्थियों की भी गंभीरता से तलाशी ली गई।
इस दौरान कमरा नंबर दो में अंकुर सिंह निवासी लोहरी, बड़ौत, बागपत के नाम पर दिनेश कुमार नाम का युवक परीक्षा देते पकड़ा गया। इसी केंद्र के कमरा नंबर चार में शाहपुर, बड़ौत का रहने वाला विवेक तोमर पकड़ा गया। उसने अपनी शर्ट की आस्तीन पर प्रश्नों के उत्तर लिख रखे थे, जिसके उत्तरों का क्रम भी पेपर के सवालों से मेल खाता मिला। कमरा नंबर सात में भी सचिन पुत्र चंद्रपाल सिंह निवासी लोयन, बड़ौत को नकल करते पकड़ा गया। वह अपने साथ लाए कागज को निगल गया। इससे रोकने की कोशिश में उसने शिक्षकों के साथ धक्कामुक्की की।
सेक्टर मजिस्ट्रेट सभी को लेकर प्रिंसिपल के कमरे में पहुंचे। पूछताछ के दौरान ही मुरारी सेक्टर मजिस्ट्रेट और कक्ष निरीक्षक को धक्का देकर भाग गया। केंद्र व्यवस्थापक की भूमिका निभा रहे प्रिंसिपल जयप्रकाश राय ने शाहपुर थाने में सभी के खिलाफ तहरीर दी है। पेपर पहले ही लीक हो जाने के अंदेशे में रिपोर्ट भी उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
तीन लाख रुपये में हुई थी डील
अभ्यर्थियों को एसएससी परीक्षा पास कराने की डील तीन लाख रुपये में हुई थी। परीक्षा शुरू होने से कुछ देर पहले सभी लोगों को एसएमएस से प्रश्नों का उत्तर मिले थे। बागपत में स्थित कोचिंग सेंटर से इस्तेमाल होने वाले कोड की जानकारी सभी को दी गई थी। गोरखपुर में पकड़े गए अभ्यर्थियों से पूछताछ में पुलिस और एसटीएफ को रैकेट से जुड़े लोगों के बारे में कुछ और महत्वपूर्ण जानकारियां मिली है। धांधली होने की जानकारी आयोग के अधिकारियों को पहले ही हो गई थी।
एसएससी परीक्षा में धांधली होने की शिकायत आयोग के अफसरों को पहले मिल गई थी। बागपत जिले के ज्यादातर परीक्षार्थियों को गोरखपुर के जनता इंटर कॉलेज के सेंटर एलाट होने के बाद इनकी गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। सेक्टर प्रभारी को संदिग्ध लोगों की सूची भी मिल गई थी। सघन चेकिंग शुरू होने के बाद केंद्र पर खलबली मच गई। सख्ती देखकर आधे से अधिक परीक्षार्थी पहले ही गेट से ही लौट गए थे। पाली में 288 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, जिसमें 100 से ज्यादा पश्चिमी जिलों के थे। सेंटर पर कड़ाई देख ज्यादातर परीक्षार्थी गेट से ही लौट गए। पहली पाली की परीक्षा में 131 लोग ही शामिल हुए।
चार युवकों के पकड़े जाने के बाद दूसरी पाली में भी 288 में 108 ही परीक्षा में शामिल हुए। केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रिंसिपल जयप्रकाश राय ने बताया कि धांधली करते पकड़े गए लोगों के बारे में सूचना एसएसपी के दिल्ली और इलाहाबाद आफिस के साथ ही परीक्षा कराने आए पर्यवेक्षकों को दी गई है। पकड़े गए युवकों ने सभी प्रश्नों के उत्तर का कोड तैयार किया था। ये कोड कागज और शर्ट की आस्तीन पर लिख रखे थे। इसे समझने में एक घंटे से ज्यादा समय लग गया।
एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि एसएससी की परीक्षा में पकड़े गए लोगों पर नकल अधिनियम के साथ ही जालसाजी करने का मामला दर्ज कराया जाएगा। आरोपियों से पूछताछ चल रही है। रैकेट से जुड़े लोगों का पर्दाफाश कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
बरेली में एसएससी परीक्षा का पर्चा फिर आउट, छह गिरफ्तार
बरेली में कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की कंबाइंडहायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल) परीक्षा का पर्चा बरेली में फिर लीक हो गया। राजकीय इंटर कालेज को संदिग्ध केंद्र मानते हुए नकलचियों को पकड़ने के लिए यहां किए जांच इंतजाम के चलते पहली पाली में चार और दूसरी पाली में दो अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्रों के उत्तर के पर्चे के साथ पकड़ा गया। एक अभ्यर्थी ने अपनी पर्ची निगल ली। पिछली बार की तरह इस बार भी पकड़े गए नकलचियों में चार हरियाणा के हैं। इन्होंने नकल कराने के लिए साल्वर गैंग को पांच-पांच लाख रुपये दिए थे। प्रश्नपत्रों का हल पहुंचाने के लिए रैकेट का मास्टर माइंड सोमवीर अहलावत अपने गुर्गों के साथ हरियाणा से आया था। मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य आरके सिंह की ओर से कोतवाली में आईपीसी की धारा 420, 34 और 3/9 नकल विरोधी अधिनियम के तहत रिपोर्ट लिखाई गई है। एसपी क्राइम ने केंद्र का परीक्षा रिकार्ड सील करा दिया है।
एसएससी की दो नवंबर की परीक्षा के दौरान जीजीआईसी में चार नकलची पकड़े गए थे। इसमें भी एसएमएस के जरिये हल पेपर के प्रिंट निकाल कर नकल कराई गई थी। सभी नकलची हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के थे। इसे देखते हुए इस बार जीआईसी केंद्र पर विशेष निगाह थी क्योंकि यहांअधिकतर परीक्षार्थी हरियाणा के थे। करीब 300 अभ्यर्थियों को संदिग्ध मानते हुए आयोग ने यहां जैमर, सीसीटीवी और निगहबानी के लिए कंट्रोल रूम के साथ विशेष पर्यवेक्षक भी लगाए थे। एसपी क्राइम डा. एसपी सिंह ने बताया कि परीक्षा के लिए इलाहाबाद से निलेश श्रीवास्तव और दिल्ली से अनु सचिव पुरुषोत्तम सिंह आए थे।
कंट्रोल रूम में कुछ परीक्षार्थियों की हरकतों पर संदेह हुआ तो जांच कराई गई। पहली पाली में आयोग की टीम की मदद से कमरा नंबर-13 से ज्योति कंवर पत्नी सुरेश सिंह निवासी ग्राम दौचाड़ा नारलोल, महेंद्रगढ़, हरियाणा, कमरा नंबर-34 से प्रवीन पुत्र सत्यवीर सिंह निवासी ग्राम बराना, थाना बेरी, झज्जर, हरियाणा, कमरा नंबर-10 से प्रवीन पुत्र विजयपाल सिंह निवासी ग्राम भेरपुर लुहाड़ा, छपरौली, बागपत और पवन कुमार पुत्र रामलाल, निवासी ग्राम बराना, थाना बेरी, झज्जर हरियाणा को पकड़ लिया। दूसरी पाली में कमरा नंबर-5 में परीक्षा देने जा रहे विकास कुमार पुत्र बलजीत सिंह, निवासी ग्राम सांगी, थाना सदर रोहतक, हरियाणा को पर्ची के साथ बाहर ही पकड़ लिया और इंद्रजीत सिंह पुत्र रमेश सिंह, निवासी बख्तावरपुर अलीपुर, पश्चिमी दिल्ली को कमरे में पकड़ा गया।
पकड़े गए नकलचियों से एसपी क्राइम ने पूछताछ की। पूछताछ में पता चला कि साल्वर गैंग का मास्टर माइंड सोमवीर सिंह अहलावत हरियाणा के सांपला बहादुरगढ़ में राइजिंग कंप्यूटर सेंटर चलाता है। वह पिछले कई दिनों से शहर के एक होटल में ठहरा था। उसने परीक्षार्थियों से नकल कराने के लिए पांच-पांच लाख रुपये लिए थे। रविवार को उसने ही परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े होकर साल्व पेपर का प्रिंट अपने गुर्गों के जरिये दिलवाया था
परीक्षा से पहले मिल रहा प्रश्नों का उत्तर
बरेली में कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा को घर का ही भेदिया तार-तार कर रहा है। कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल परीक्षा के दौरान बरेली, अल्मोड़ा या मेरठ में पकड़े गए नकलचियों और नकल के तरीके से यही लगता है। हर बार पेपर आउट हो रहा है और परीक्षा शुरू होने के पहले ही साल्वर गैंग अपने रैकेट के जरिये हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के परीक्षार्थियों तक नकल पहुंचा रहा है। दो नवंबर की परीक्षा की तरह ही 16 नवंबर की परीक्षा में भी नकलचियों के पास परीक्षा शुरू होने के पहले हल प्रश्नपत्र की पर्ची पहुंच चुकी थी। हैरत वाली बात यह है कि परीक्षार्थी को जिस सेट के प्रश्नों का हल मिल रहा है, उसे उसी सेट का प्रश्नपत्र भी मिल रहा है। यानी परीक्षा पास कराने के सक्रिय रैकेट के पास अभ्यर्थियों के सिटिंग अरेंजमेंट की भी जानकारी है। परीक्षा केंद्र से पेपर सेटिंग तक की शृंखला का ही कोई व्यक्ति रैकेट को प्रश्नपत्र मुहैया करा रहा है।
परीक्षा के पांच मुख्य चैनल हैं, पहला जहां आयोग पेपर सेट कराता है। दूसरा पेपर प्रिटिंग सेंटर, तीसरा पेपर का स्ट्रांग रूम, चौथा पेपर का ट्रांसपोर्टेशन और पांचवां परीक्षा केंद्र जहां पहले पेपर रखवाए जाते हैं। सूत्रों के अनुसार पेपर साल्वर गैंग का मास्टर माइंड और अहलावत का बॉस राहुल राणा इन्हीं पांच चैनल में से किसी एक का प्रयोग कर रहा है। राहुल के ही साथी को एसटीएफ ने एलडीसी की परीक्षा के दौरान पकड़ा था।
जांच में लगी टीम का कहना है कि राहुल ने देश भर के 1700 परीक्षा केंद्रों में अपने गुर्गों के जरिये नकल कराने का ठेका ले रखा है। यूपी के तकरीबन 800 केंद्रों के जिम्मेदारी बहादुरगढ़ के कोचिंग संचालक सोमवीर अहलावत को दे रखी है। पुलिस के मुताबिक सत्यवीर यहां के स्टार होटल में रुका था। पेपर उसके पास पहले से था या यहीं मिला, यह तो उसके पकड़े जाने पर ही पता चलेगा लेकिन यह तय है कि मोबाइल पर आए एसएमएस का प्रिंट निकालकर नकलचियों को दिया था।
सामूहिक एसएमएस भेजकर कराता है नकल
राहुल राणा और सोमवीर अहलावत का गैंग देश भर में सामूहिक रूप से एसएमएस भेजकर अपने ग्राहकों को नकल कराता है। मेरठ में एसटीएफ ने इसी गैंग के लोगों को पकड़ा था। मध्यप्रदेश के छतरपुर में भी इस गैंग के लोगों ने पर्चा लीक किया था। देश भर में इस गैंग के गुर्गे लड़कों को फंसाकर उनसे पैसा ले लेते हैं। इनमें सबसे अहम बात यह है कि जो लड़के नकल करके पास होने के बाद नौकरी कर रहे हैं, उन्हीं को वह अपना एजेंट बना लेते हैं। रविवार को जीआईसी में पकड़ा गया प्रवीन नाम का युवक पहले एसएससी परीक्षा पास कर चुका है। पुलिस के मुताबिक वह सत्यवीर का एजेंट है। वह लड़कों को तो लेकर आया ही था। पहले से अच्छे नंबर लाकर अच्छे विभाग में नौकरी पाने के लिए खुद भी परीक्षा देने पहुंच गया।
बरेली के आईजी विजय सिंह मीना ने इस बारे में बताया कि एसएससी का पर्चा लीक होने के मामले में हरियाणा पुलिस की मदद ली जाएगी। पुलिस की एक टीम हरियाणा रवाना कर दी गई है। यूपी में मेरठ से भी साल्वर गैंग का कनेक्शन मिला है। इसलिए दूसरे जिलों की पुलिस से भी मदद लेकर गैंग के सरगना तक पहुंचकर सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।