SSC: नकल पर नकेल के लिए बदलेगा पैटर्न
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कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं को पूरी तरह से नकलविहीन करने के लिए आयोग की ओर से परीक्षा पैटर्न में बदलाव की तैयारी है। आयोग की परीक्षाओं में लगातार नकल का आरोप लगने के बाद इस तरह की पहल की गई है।
विशेषज्ञ इस बारे में एकमत हैं कि एसएससी की परीक्षाओं को आब्जेक्टिव की बजाय डिस्क्रिप्टिव कर दिया जाए, इससे नकल की प्रवृत्ति को रोका जा सकेगा।
नकल रोकने के लिए हो रहा फैसला
आयोग की ओर से इस दिशा में विशेषज्ञों के साथ संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों से परीक्षा पैटर्न के नए स्वरूप के बारे में जानकारी मांगी गई है।
एसएससी की पहले एवं दूसरे चरण की परीक्षाएं आब्जेक्टिव होने से नकल माफिया को अपने कैंडिडेट को परीक्षा पास करवाना आसान हो जाता है। अब पहले चरण की परीक्षा आब्जेक्टिव करने के बाद दूसरे चरण में डिस्क्रिप्टिव करने की तैयारी है। इस बारे में परीक्षार्थियों की ओर से पूछे गए प्रश्नों के जवाब में आयोग के चेयरमैन एन भट्टाचार्य ने जानकारी दी।
बड़े पैमाने पर हो रही है नकल
कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में पूर्व में छोटे और बड़े दोनों तरह के प्रश्न पूछे जाते थे। तीन वर्ष पूर्व एसएससी की ओर से परीक्षा पैटर्न में बदलाव करके आयोग ने पहले और दूसरे चरण की परीक्षाओं को भी पूरी तरह से आब्जेक्टिव कर दिया था।
एसएससी के कर्मचारियों और केन्द्र व्यवस्थापकों की मिली भगत से परीक्षार्थी हाईटेक नकल सामग्री का इस्तेमाल करने लगे और हर परीक्षा में नकल करते परीक्षार्थी पकड़े जाने लगे।