आधी आबादी के लिए एसएसबी देगा नए साल का तोहफा
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) देश में तीन साल के भीतर 21 महिला बटालियन तैयार करेगा। प्रत्येक बटालियन में 100-100 महिला जवानों की भर्ती की जाएगी। भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले एसएसबी में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में महिला जवानों की भर्ती होने जा रही है।
इसके लिए भारत सरकार की रजामंदी मिल चुकी है। एसएसबी के अफसरों के मुताबिक भर्ती चरणवार होगी, मगर तीन साल में तय बटालियन का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।एसएसबी जवानों पर 1751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल एवं 699 किलोमीटर भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा का जिम्मा है।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ और जम्मू-कश्मीर में भी एसएसबी जवानों को तैनात किया जाता है। वर्ष 2016 से 2018 तक एसएसबी में महिलाओं की 21 बटालियन बनने जा रही है। 2016 से लखनऊ फ्रंटियर, पटना, गुवाहाटी, सिलीगुड़ी और रानीखेत में महिला जवानों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
2100 महिलाएं एसएसबी का हिस्सा बनेंगी। महिला जवानों की तैनाती के पीछे उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा पर महिला तस्करों की रोकथाम के साथ बार्डर से सटे भारतीय गांवों की स्थिति को सुधारना है।
पहली बार बन रही है बटालियन
एसएसबी में पहली बार विशेष रूप से महिलाओं की बटालियन तैयार की जा रही है। इतनी संख्या में महिला जवानों की भर्ती आज तक नहीं हुई थी। एसएसबी में महिला जवानों की भर्ती होती थी लेकिन उनसे काम केवल ऑफिस का ही लिया जाता था।
गृह मंत्रालय से महिलाओं की भर्ती की मंजूरी मिल गई है। तीन साल के अंदर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
-रेणुका मिश्रा, कार्मिक एवं प्रशिक्षण महानिरीक्षक, एसएसबी