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इन्हें यौन शोषण के मामलों को छुपाने की छूट!
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 23 May 2013 07:28 PM IST
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सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने अपने अधिकारियों के ऊपर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जानकारी देने से साफ इंकार कर दिया है।
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एसएसबी ने दावा किया है कि उसे आरटीआई के तहत इन मामलों पर जानकारी देने की छूट मिली हुई है। हालांकि उसका यह दावा गलत है।
एसएसबी नेपाल और भूटान की सीमा पर चौकसी करता है। हरियाणा के सुखबीर ने आरटीआई दायर कर एसएसबी के कमांडेंट, डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल और इंस्पेक्टर जनरल के अधिकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामलों की जानकारी मांगी थी।
एसएसबी ने अपने जवाब में कहा कि आरटीई एक्ट 2005 का सेक्शन 24 उन्हें यौन उत्पीड़न मामले पर जानकारी देने से छूट प्रदान करता है।
सेक्शन एसएसबी जैसे सुरक्षा और खुफिया संगठनों को मानवाधिकार उल्लंघन और भ्रष्टाचार संबंधी मामलों पर ही जानकारी देने को बाध्य करता है। यौन उत्पीड़न मामले पर जानकारी देने पर ऐसे संगठन बाध्य नहीं हैं।
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केंद्रीय सूचना आयुक्त ने हालांकि कई प्रकरणों में यौन उत्पीड़न को मानवाधिकार उल्लंघन मामलों के समान ही माना है।