शनि शिंगणापुर विवाद: कोर्ट नोटिस के बाद होने लगी समझौते की बात
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महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर का विवाद कोर्ट में पहुंचने के बाद अब आपसी समझौते की बात होने लगी है। शनिदेव मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर जारी गतिरोध को दूर करने के लिए आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर मध्यस्थता के लिए आगे आए हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस विवाद को सुलझाने के लिए श्रीश्री रविशंकर अगले सप्ताह शनिमंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से बातचीत करने शिंगणापुर जा सकते हैं। शनिशिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को प्रवेश को लेकर परंपरा की दुहाई दी जा रही है। वहीं, सनातन संस्था ने भी शनिशिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट के सुर में सुर मिलाया है।
महिलाओं को मंदिर में प्रवेश के अधिकार को लेकर भूमाता ब्रिग्रेड ने पहले से ही मोर्चा खोल रखा है। इस बीच, जालना की डाक्टर वसुधा पवार ने बांबे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ में एक जनहित याचिका दायर की है जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शनैश्वर देवस्थान के साथ केंद्र और राय सरकार को नोटिस जारी किया है।
16 फरवरी को कोर्ट करेगा सुनवाई
याचिकाकर्ता के वकील अमेय सबनीस का कहना है कि इस मामले में कोर्ट ने अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होनी है।
गौरतलब है कि मंदिर के ट्रस्टी ने महिलाओं को मंदिर के गर्भगृह में महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाई है। इसके विरोध में भूमाता ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई के नेतृत्व में 26 जनवरी को सैकड़ों महिलाओं ने मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश की थी, लेकिन कड़ी सुरक्षा की वजह से भूमाता ब्रिग्रेड को कामयाबी नहीं मिली।
सूबे के मुयमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भूमाता ब्रिगेड के आंदोलन का समर्थन किया है। उन्होंने जिला प्रशासन से कहा है कि दोनों पक्षों में बाचतीत से मामले को सुलझाया जाए। समझा जा रहा है कि मुयमंत्री के इस निर्देश के बाद मध्यस्थता की कोशिश शुरु हुई है।