जहां पकड़ा था जासूस कबूतर उसी इलाके में हुआ आतंकी हमला
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इसे महज इत्तेफाक कहें या सीमापार बैठे आतंकी सरगनाओं की सटीक रेकी, पंजाब के जिस एरिया में सोमवार को बड़ा आतंकी हमला हुआ, उसी से सटे इलाके में ठीक दो माह पहले पाकिस्तान से आए संदिग्ध जासूस कबूतर को पकड़ा गया था।
उस समय गांव वालों के साथ पुलिस ने भी दावा किया था कि कबूतर के पंखों पर उर्दू में नरोवाल का जिक्र है। सोमवार को पंजाब पुलिस की स्वैट टीम की कार्रवाई में मारे गए तीनों आतंकवादियों के भी सीमा के उस पार नरोवाल का बाशिंदा होने की बात आ रही है।
बीती 27 मई को पठानकोट के मनवाल गांव में एक बच्चे ने अपने घर की छत पर एक संदिग्ध कबूतर देखा था, जिसकी पूंछ पर उर्दू में कुछ लिखा था। ये स्थान भारत-पाक सीमा से महज दो-ढाई मील पीछे है। सीमा के उस पार पाक का जिला नरोवाल है।
दीनानगर के हमलावरों का रिश्ता भी नरोवाल से
पुलिस ने कबूतर को हिरासत में लेकर रोजनामचे में ..सस्पेक्टेड स्पाई...दर्ज कर लिया था। बाद में पढ़वाया गया तो पंख पर तहसील शकरगढ़ जिला नरोवाल का फोन नंबर लिखा मिला। इससे पुलिस के कान खड़े हो गए और उन्होंने उसका एक्सरे कराने के साथ ही बीएसएफ को इत्तला दी थी। बाद में कबूतर को देखरेख के लिए एक शख्स के हवाले कर दिया गया।
ठीक दो माह बाद, 27 जुलाई की सुबह तीन आतंकियों ने जब दीनानगर थाने पर हमला किया तभी से इंटेलिजेंस इनपुट आने लगे थे कि आतंकियों का संबंध नरोवाल से है।
बाद में जब मुठभेड़ खत्म हुई तब पुलिस ने दावा किया कि तीनों आतंकी पाक स्थित नरोवाल के थे और वहीं से हमले के लिए चले थे। जहां संदिग्ध जासूस कबूतर पकड़ा गया था, वहां से दीनानगर की दूरी भी करीब 10 मील है। जहां ये संदिग्ध कबूतर पकड़ा गया उसी से सटे इलाके में और जिस तारीख (27) को दो माह पहले कबूतर धरा गया, उसी तारीख को आतंकी हमला बड़े सवाल तो छोड़ ही गया है।