मोदी के मंत्री ने तोड़ा अपना ही वादा
खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल संसद में किए गए अपने ही वादे पर खरे नहीं उतर पाए हैं। प्रश्न काल के दौरान भाजपा सांसद कीर्ति आजाद के सवाल पर सभी सदस्यों के बीच खेल मंत्री ने बयान दिया था कि उनकी सरकार अब स्टेडियमों में किसी भी तरह के राजनीतिक आयोजन पर पाबंदी लगा रही है।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि लोकसभा में दिए गए इस बयान के कुछ दिनों के भीतर ही उन्हीं की पार्टी ने उनके इस वादे को झुठलाते हुए तार-तार कर दिया।
खास बात यह है कि जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के वेटलिफ्टिंग ऑडिटोरियम में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की एक दिवसीय राष्ट्रीय परिषद की बैठक को मंजूरी खेल मंत्रालय के ही अंग स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) की ओर से दी गई।
खेल मंत्री भूल गए अपना वादा
कीर्ति आजाद ने लोकसभा के इसी सत्र में पूछा था कि खेल मंत्री की स्टेडियमों के रखरखाव और उनके आम जनता के उपयोग के लिए क्या योजना है। उन्होंने यह भी कहा था कि मंत्रालय किस तरह स्टेडियमों को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखने जा रहा है।
इस पर सोनोवाल का जवाब था कि मंत्रालय की योजना है कि आगे से स्टेडियमों में सिर्फ खेल गतिविधियां संचालित होंगी। इनमें राजनीतिक आयोजनों पर पाबंदी लगाई जा रही है।
हास्यास्पद यह है कि खेल मंत्री के जवाब के बाद कीर्ति आजाद ने कहा था कि इसमें कुछ भी नया नहीं है। वह कई बार से सांसद रहते आए हैं और हर बार इसी तरह के जवाब खेल मंत्रियों से सुनते आ रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कुछ ही दिनों के अंदर खेल मंत्री अपने किए गए वादे को भूल गए और वादा तोड़ने वाली भी खुद उन्हीं की पार्टी रही।