सनातन संस्था का दावा, बड़े बाल से स्पर्म पर असर
अगर पुरुष लंबे बाल रखते हैं तो उनके शुक्राणुओं की संख्या में कमी आ जाएगी। पुरुषों को छोटे बाल रखने चाहिए। ये बात सनातन संस्था ने अपने वेबसाइट पर प्रकाशित एक आलेख में कही है। आपको बता दें सनातन संस्था के कई सदस्य बीती फरवरी में कम्युनिस्ट नेता गोविंद पनसारे की हत्या में आरोपी हैं।
जुलाई में सनातन की वेबसाइट पर प्रकाशित एक लेख के मुताबिक महिलाएं मॉर्डन लुक के लिए अपने बाल छोटे करा रही हैं, वहीं पुरुष बड़े बाल रख कर उसकी चोटी बांधते हैं, इसके बाद वो खुद को ट्रेंडी कहते हैं।
सनातन संस्था के मुताबिक अवधारणाओं में इस तरह का बदलाव मानवजाति को नकारात्मकता की ओर ले जाता है। इस विषय पर सनातन संस्था की ओर से दो लेख लिखे गए हैं।
महिलाएं रखें बड़े बाल
यूं तो महिलाओं की जीवनशैली निर्धारित करने के लिए ऐसी कई संस्थाएं और इनके प्रतिनिधि कुछ न कुछ कहते रहते हैं लेकिन यह बहुत ही विरले होता है जब ऐसी संस्थाएं पुरुषों के व्यक्तिगत विकास के बारे में भी सलाह देती हैं।
वेबसाइट पर प्रकाशित लेख के मुताबिक 'बड़े बाल अस्थिरता की निशानी हैं। बड़े बाल रखने से राजा तम की किरणें उत्सर्जित होती हैं जिसकी वजह से वातावरण प्रदूषित होता हैं और इससे उत्पन्न होने वाली ऊर्जा से शुक्राणुओं के उत्पादन पर असर पड़ता है।
लेख में लिखा गया है कि महिलाओं को बड़े बाल रखने चाहिए क्योंकि वो उनकी शक्ति तत्व का प्रतीक है और बड़े बाल वाली महिला छोटे बाल वाली महिला से ज्यादा सुशील और शीतल होती है।