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गरीब कामगारों को स्वास्थ्य मंत्रालय देगा तोहफा

Wed, 31 Dec 2014 01:50 AM IST
Updated Wed, 31 Dec 2014 01:50 AM IST
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Special plan benefits in national health insurance.
गरीब कामगारों की सामाजिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय नए साल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) के लाभ के दायरे को बढ़ाएगा।
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आरएसबीवाई के तहत भविष्य में एक परिवार के केवल पांच लोग ही लाभान्वित नहीं होंगे बल्कि कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का लाभ परिवार के प्रत्येक सदस्य को मिलेगा। वहीं प्रत्येक आरएसबीवाई कार्ड पर सालाना 30 हजार रुपये के बीमा कवर को भी तीन गुना तक बढ़ाया जा सकता है।
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1 अप्रैल, 2015 से स्वास्थ्य मंत्रालय के जरिए इस योजना के परिचालन शुरू होने के बाद असंगठित क्षेत्र के गरीब परिवारों को यह लाभ मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बाबत हाल में ही ईएफसी नोट सभी मंत्रालयों को जारी किया जा चुका है।
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शहरी विकास मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय ने इस संदर्भ में अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। पंचायती राज मंत्रालय ने आरएसबीवाई योजना को मजबूत बनाने के लिए पंचायतों की भूमिका को बढ़ाने का सुझाव पेश किया है।

जबकि शहरी विकास मंत्रालय ने योजना की सफलता के लिए पारदर्शिता के उपायों को बेहतर बनाने को कहा है। हालांकि वित्त मंत्रालय ने प्रस्ताव पर चुप्पी साध रखी है।

तीन गुना तक बीमा कवर बढ़ने की उम्मीद

Special plan benefits in national health insurance.

अधिकारी ने कहा कि अगर वित्त मंत्रालय अपनी सहमति देता है तो अगले वित्त वर्ष में गरीब परिवार का प्रत्येक व्यक्ति योजना के दायरे में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक परिवार के पांच व्यक्ति को आरएसबीवाई लाभ मिलने की बाध्यता के कारण घर के बुजुर्ग और लड़कियों को इससे लाभान्वित होने की समस्याओं का पता चला है।

इसलिए आरएसबीवाई के दायरे को विस्तार दिया जाएगा। इस तरह प्रत्येक गरीब के स्वास्थ्य बीमा के लक्ष्य को पाना भी आसान होगा। तो दूसरी ओर मंगलवार को स्वास्थ्य और श्रम मंत्रालय के सचिवों के साथ तमाम राज्यों के आला अधिकारियों की बैठक में योजना को श्रम मंत्रालय से स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपने पर आम सहमति बन गई है।

ज्यादातर राज्यों ने इस योजना में बीमा कंपनी की भूमिका को खत्म कर किसी ट्रस्ट के जरिए इसे संचालित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने दलील दी कि इससे योजना की गड़बड़ी पर अंकुश लगाया जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने योजना की रूपरेखा में बदलाव की तकनीकी पहलुओं पर बारीकी से ध्यान देने का आश्वासन राज्यों को दिया है।

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