उत्तर भारतीयों को डराने वालों को सबक: विद्या ठाकुर
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जब कोई पुरुष तरक्की के झंडे गाड़ता है तो सहज ही यह बात सामने आती है कि उसकी सफलता के पीछे किसी महिला का हाथ है। वह महिला सफलता की सीढ़ियां चढ़ने वाले पुरुष की मां हो सकती है और पत्नी भी।
लेकिन मुंबई की पहली महिला उपमहापौर और महाराष्ट्र में पहली उत्तर भारतीय महिला मंत्री बनने का गौरव हासिल करने वाली विद्या ठाकुर की सफलता के पीछे उनके पति जय प्रकाश ठाकुर का योगदान है। विद्या का पूरा कुनबा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारों से ओतप्रोत है।
पिता प्रभु शंकर शर्मा जनसंघ से पार्षद का तो उनके ससुर चंद्रबली सिंह जनसंघ से मुंबई में विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। पति जय प्रकाश सिंह ठाकुर भी विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र भाजपा के उपाध्यक्ष हैं, जबकि विद्या ठाकुर 20 साल पार्षद रहीं और अब महाराष्ट्र सरकार में राज्यमंत्री हैं।
वाराणसी जिले के जनसा बाजार बेनीपुर कुंडरिया की मूल निवासी विद्या की ससुराल वाराणसी में ही पिंडरा बाजार के नजदीक फूलपुर मानी गांव में है। पेश है विद्या ठाकुर से सुरेन्द्र मिश्र की बातचीत के अंश।
उत्तर भारतीयों पर क्या बोली विद्या?
उत्तर भारतीयों को हमेशा डराया जाता है। मुंबई और महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तर भारतीयों को क्या संदेश देना चाहेंगी?
-देखिए। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबका साथ सबका विकास का नारा दिया है। इसी पदचिह्नों पर मैं भी चलूंगी। हमें हिंदीभाषियों के साथ ही अन्य समुदायों का भी समर्थन और प्यार मिला है। उत्तर भारतीय समाज ने मुंबई में बहुत प्रगति की है। हमारी सरकार उनके साथ खड़ी है, इसलिए उत्तर भारतीयों को डरने की जरूरत नहीं। यदि ऐसी कोई परिस्थिति आई तो पार्टी और सरकार निर्णय लेगी और डराने वालों को सबक मिल जाएगा।
विधानसभा चुनाव में जायंट किलर बनकर उभरीं और तुरंत लालबत्ती भी मिल गई। कैसा लग रहा है?
-विधानसभा चुनाव के दौरान विशेष परिस्थिति में शिवसेना से गठबंधन टूटा तो पार्टी ने गोरेगांव से टिकट दे दिया। पार्टी ने विश्वास जताया और जनता ने आशीर्वाद दिया नतीजा आपके सामने है।
आप जन्म से ही मुंबई में रह रही हैं। सरकार में आपको ग्राम विकास राज्यमंत्री बनाया गया है। कैसे समन्वय बैठा पाएंगी?
-हमें कोई अड़चन नहीं है। गांव का विकास, महिला व बालकों का विकास सरकार की प्राथमिकता है। राज्य में सूखे की स्थिति से निपटने के लिए छोटे-छोटे चेकडैम बनाकर जल संरक्षण पर जोर देंगे। कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्णतया रोक लगाई जाएगी।
शिवसेना के सरकार में शामिल होने की चर्चा शुरू है। आपने जिस दिग्गज नेता सुभाष देसाई को हराया है उन्हें भी मंत्रिमंडल में शामिल करने की बात चल रही है। यदि ऐसा हुआ तो आपका क्या रुख होगा?
-यह सही है कि वे शिवसेना के कद्दावर नेता हैं। उन्हें भी नहीं लगा होगा कि चुनाव हार जाएंगे। शिवसेना के सरकार में शामिल होने पर उन्हें मंत्री बनाने या नहीं बनाने के बारे में हमें नहीं पार्टी को सोचना है।
क्या मंत्री बनने के बाद वाराणसी जाने का कार्यक्रम है?
-हम 26 नवंबर को ही वाराणसी जा रहे हैं। अपने चाचा, दादी से मिलने का यह कार्यक्रम पहले से ही तय है। मंत्री बनने के बाद भी कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 26 को वाराणसी में तिलक समारोह है उसमें हिस्सा लेकर अपने ससुराल और मायके होकर मुंबई लौटूंगी।