सजा काटकर लौटे बंदियों के लिए खास पहल
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जेल में सजा भुगतकर लौटे बंदियों का जीवन संवारने के लिए देश में नई पहल शुरू हुई है। सजा काटकर लौटे व्यक्ति को बैंक से लोन मिल सकेगा, जिससे वह आजीविका के लिए कोई भी व्यवसाय शुरू कर सकेगा, वह भी समान्य से कम ब्याज दर पर।
देश के सर्वाधिक साक्षरतावाले प्रदेश केरल में सरकार की पहल पर जेल सुधार विभाग और केनरा बैंक ने मिलकर पुनर्जनी परियोजना शुरू की है। केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के पूजापुरा केन्द्रीय कारागार में इसी महीने इसकी शुरूआत की गई है।
इस परियोजना के तहत कैनरा बैंक अन्य बैंकों को भी सहमत करने में जुटा हुआ है। जेल प्रशासन समय समय पर सामान्य अपराधों में सजा काटकर लौटनेवाले बंदियों की जानकारी बैंक को देगा, जिससे उन्हें आगे बढ़कर लोन ऑफर किया जा सके।
सस्ता लोन, बिना घर या गहने गिरवी रखे
जाने अनजाने में हुए सामान्य अपराध में मुखिया के जेल जाने की वजह से उसके परिवार का सामाजिक व आर्थिक स्तर काफी कमजोर हो जाता है। उन्हें कोई रोजगार उपलब्ध कराने में सहयोग नहीं करता।
उप महा प्रबंधक डॉ. टी.वी. दुरईपंडी ने बताया कि जेल से लौटनेवाले बंदियों का जीवन संवारने के लिए बैंक सामान्य से आधा से एक प्रतिशत कम ब्याज दर पर लोन देगा और इसके लिए लोन लेनेवाले को मकान, गहने या कुछ भी गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ेगा। इससे जेल से लौटा व्यक्ति लोन लेकर अपने परिवार को चलाने के लिए कोई व्यवसाय शुरू कर सकेगा। इससे उसके परिवार का जीवन स्तर सुधर सकेगा।
यूं शुरू हुई पहल
केरल के डीजी जेल सुधार टी.पी. सेनकुमार ने जेल के बाहर की दुनिया में बंदियों के जीवन को परिवर्तित कर उन्हें साधारण जीवन जीने के लिए मद्द करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए इसी वर्ष अपना नवम्बर में संस्थापन माह मना रहे कैनरा बैंक के कैनरा बैंक के अधिकारियों से बात की और कैदियों की रिहाई के बाद उनके पुनर्वास के लिए योजना तैयार की।