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देश के लिए खास है यह दिवाली

Sun, 03 Nov 2013 04:06 PM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली
अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 03 Nov 2013 04:06 PM IST
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special deepawali for india

इस बार की दीपावली खास है। लगातार छह माह तक अर्थव्यवस्था के धुंध में रहने के बाद उजाले की किरण दिखने लगी है।

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देश के वित्त मंत्री पी. चिदंबरम का मानना है कि अर्थव्यवस्था के वृक्ष में नई कोपलें आने लगी हैं। कोर सेक्टर में 8 फीसदी की विकास दर, बंपर पैदावार और निर्यात में बढ़ोतरी उम्मीद की गाथा गा रहे हैं।

दूसरी छमाही के आंकड़े सकारात्मक संकेत दे रहे हैं और रुपए ने फिर से भरोसा जीता है। ऐसे में संवत 2070 से काफी उम्मीदें बढ़ रही हैं।

अर्थव्यवस्था की चाल में आएगी रफ्तार
देश की अर्थव्यवस्था बेहतरी की ओर जा रही है और सरकार द्वारा आर्थिक सुधार की दिशा में उठाए गए कदमों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। देश में निवेश का माहौल तेजी से सुधर रहा है और घरेलू व विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
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राजकोषीय घाटा नियंत्रण में है और चालू खाता घाटा (सीएडी) 60 अरब डॉलर से नीचे रहने का अनुमान है। निर्यात ने गति पकड़नी शुरू कर दी है। सरकार का दावा है कि जल्द ही महंगाई पर काबू पा लिया जाएगा।
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आरबीआई के कदम से तेज होगा विकास
रिजर्व बैंक के गवर्नर ने साफ कर दिया है कि अब ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी नहीं रहेगा। साथ ही आरबीआई ने अभी तक जो कदम उठाए हैं उससे डॉलर के मुकाबले लगातार गिर रहे रुपये की गिरावट पर लगाम लग गई है।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं होने से आम लोगों के लिए होम लोन, ऑटो लोन लेना तो आसान होगा ही, कॉरपोरेट गतिविधियों में भी गति आएगी। रिजर्व बैंक लगातार महंगाई और विकास में सामंजस्य वाली नीति पर अमल कर रहा है।

नए संवत में रहेगी नौकरियों की बहार

आगामी मार्च तक बैंकिंग सेक्टर में कुल 50 हजार नियुक्तियां होंगी। इसके बाद भी नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहेगा।

औद्योगिक क्षेत्र में विकास की गति का बहाल होना युवा इंजीनियरों को नौकरी के मामले में राहत देगा। यह महालक्ष्मी वर्ष चुनावी संवत भी होने से नौकरियों के नए दरवाजे खोलेगा। सरकार की कोशिश है कि देश के युवा अधिक से अधिक संख्या में उद्यमी बनें। इस दिशा में भी अच्छे परिणाम सामने आएंगे।

विदेशी निवेश पकड़ेगा जोर
विदेशी निवेश सरकार की वरीयता सूची में काफी ऊपर है। अगले सत्र में बीमा विधेयक के पारित होने की संभावना बहुत अधिक है। इसके पारित होने से बीमा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में विदेशी निवेश के आने का आकलन है।

सरकार ऑनलाइन रिटेल में भी एफडीआई के दरवाजे खोलने की तैयारी में है। विदेशी निवेश का आना पूरी तरह से रोजगार से जुड़ा मसला है। हर निवेश नई नौकरियों के दरवाजे खोलेगा।

शेयर बाजार में बढ़ेगा निवेशकों का भरोसा
ग्लोबल और घरेलू कारणों से देश के शेयर बाजार में दिवाली से कई दिन पहले से ही दिवाली का माहौल बना हुआ है। शेयर बाजार में तेजी के पीछे जो कारण बताए गए हैं उनमें बेहतर मानसून, कोर सेक्टर की विकास दर जैसे आंकड़ों से अर्थव्यवस्था में सुधार का आकलन है।

बीते कुछ समय में शेयर बाजार के प्रति विदेशी निवेशक काफी आकर्षित हुए हैं। कंपनियों के बेहतर परिणाम आने से बाजार निवेशकों के लिए आकर्षक बना रहेगा और सेंसेक्स अपनी नई ऊंचाई में ढेर सारे अंक जोड़ेगा।


सराफे में फिर से बहाल होगी रौनक
चालू खाते के घाटे पर लगाम के लिए सरकार की कोशिशों से सोने का आयात कम हुआ है और अंतरराष्ट्रीय कारणों से सोने की कीमतों में ठहराव रहा है।

बीते साल दिवाली के समय सोने का भाव 32,385 रुपए प्रति 10 ग्राम था, इस साल यह 31,300 रुपए के भाव पर उपलब्ध है।

इसी तरह चांदी बीते साल के 61,500 रुपए प्रति किलो की जगह इस साल 49,100 रुपए प्रति किलो पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संवत में सोना और चांदी में निवेश बहुत अच्छे साबित हो सकते हैं।

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