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पश्चिमी यूपी की बेटियों के लिए बनी 'स्पेशल-26 बेटियां'

Sat, 04 Jan 2014 10:19 PM IST
शालू अग्रवाल/अमर उजाला, मेरठ
शालू अग्रवाल/अमर उजाला, मेरठ Updated Sat, 04 Jan 2014 10:19 PM IST
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'Special -26 daughters'

बेटी अशिक्षा और बेरोजगारी के कारण समाज में जिल्लत न सहे। दहेज के लिए कोई उसे प्रताड़ित न कर सके। अपने अधिकारों के लिए वह दर-दर की ठोकरें न खाए। बेटियों को ऐसे संकट से उबारने के लिए शहर की एक बेटी ने स्पेशल-26 ग्रुप बनाया है।

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इस ग्रुप की सभी सदस्य भी बेटियां ही हैं। ये शहर के किसी भी कोने में मुसीबत में घिरी बेटी को मौके पर पहुंचकर सुरक्षा देती हैं। सिर्फ यही नहीं, ये बेटियों को उनके हक के प्रति जागरूक भी कर रही हैं।
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स्पेशल-26 ग्रुप का गठन करने वाली नेहरू नगर निवासी गरिमा त्यागी वर्ष-2010 से महिलाओं के उत्थान के लिए काम कर रही हैं। देहरादून से सोशल वर्क की पढ़ाई के बाद गरिमा को नौकरी के कई मौके मिले, लेकिन उन्हें तो अपने शहर की बेटियों के लिए कुछ करने की धुन सवार थी। किया भी वही।
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garima

















आज उनकी राह पर शहर की कई बेटियां कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं। गरिमा को बेटियों को जागरूक करने की प्रेरणा महिलाओं के लिए चलाए गए अभियान ‘रिंग द बेल’ से मिली।

उन्होंने सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ में इस अभियान को सफलतापूर्वक चलाया। घर-घर जाकर बेटियों को उनके अधिकारों की जानकारी दी। इसके बाद स्पेशल-26 ग्रुप बनाया।

हर मेंबर की अपनी खासियत
महिलाओं से जुड़े मसलों और उनकी जागरूकता के लिए काम कर रहे ग्रुप स्पेशल-26 की सभी सदस्य एक से बढ़कर एक हैं। कोई बेटी आरटीआई को हथियार बनाकर छात्राओं की मदद कर रही है, तो कोई स्लम में महिला स्वास्थ्य, सेव गर्ल चाइल्ड अभियान चला रही है।

एक लड़की जयभीम नगर में स्वरोजगार सेंटर ‘प्रयास’ चला रही है। जहां गरीब बच्चियों को निशुल्क ब्यूटीशियन और टेलरिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस सेंटर से प्रशिक्षण पाने वाली कई बेटियों अब अपने पैरों पर खड़ी हैं।

26 सेक्टरों में बांटा शहर को
गरिमा कहती हैं, बेटियों को बचाने की मुहिम की शुरुआत मैंने अकेले की थी। धीरे-धीरे इससे दूसरी लड़कियां भी जुड़ती गईं। संख्या बढ़ने होने पर मैंने इस ग्रुप का गठन किया।

पूरे शहर को 26 सेक्टरों में बांट दिया। हर सेक्टर में एक वालंटियर है, जो अपने क्षेत्र में बेटियों को बचाने, उन्हें जागरूक करने, शिक्षित करने और उन्हें रोजगार दिलाने के लिए काम कर रही है।


मोबाइल बेस्ड नेटवर्क
स्पेशल-26 ग्रुप मोबाइल नेटवर्क पर बेस्ड है। शहर के सभी एरिया में जो वालंटियर हैं, उनका मोबाइल नंबर संबंधित थाने, सभी गर्ल्स कॉलेज, कोचिंग इंस्टीट्यूट और प्रमुख स्थानों में बांटा गया है।

इन स्थानों पर जब भी किसी लड़की को मदद की जरूरत होती है, वह संबंधित इलाके की वालंटियर को कॉल कर मदद लेती है। बेटियों की यह सेना पिछले छह महीने में कई बेटियों की मदद कर चुकी है।

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