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स्पीकर ने वित्तमंत्री को बुलाने का मामला जेपीसी पर ही छोड़ा
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Oct 2012 12:44 AM IST
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2जी मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने गवाही के लिए प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री के पेश होने की संभावना लगभग खत्म हो गई है क्योंकि समिति के चेयरमैन पीसी चाको पहले ही कह चुके हैं कि प्रधानमंत्री को बुलाने की परंपरा व नियम नहीं है। जबकि वित्तमंत्री को बुलाने का मामला लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने वापस जेपीसी के पाले में डाल दिया है।
स्पीकर ने समिति से इस मसले पर खुद ही फैसला करने को कहा है। चूंकि समिति में कांग्रेस का बहुमत है, इसलिए अब वित्तमंत्री को बुलाने के पक्ष में फैसला हो पाना आसान नहीं है। हालांकि भाजपा की तरह लेफ्ट, सपा और बसपा भी वित्तमंत्री को गवाही के लिए बुलाने के पक्ष में हैं। भाजपा तो मांग माने जाने तक बैठकों से बाहर रहने का ऐलान भी कर चुकी है।
समिति के सदस्य व पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा हाल में चाको को पत्र लिखकर साफ कर चुके हैं कि गवाहों की सूची में प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को शामिल किए बिना भाजपा के सदस्य बैठकों में शामिल नहीं होंगे। इस मांग पर अड़ी भाजपा लगातार दो बैठकों का बहिष्कार कर चुकी है। इसके बाद चाको ने वित्तमंत्री को बुलाने का मामला स्पीकर के पास भेजा था। इस पर स्पीकर ने खुद विवाद में पड़ने की बजाए यह मामला समिति पर ही छोड़ दिया है।
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स्पीकर ने समिति से इस मसले पर खुद ही फैसला करने को कहा है। चूंकि समिति में कांग्रेस का बहुमत है, इसलिए अब वित्तमंत्री को बुलाने के पक्ष में फैसला हो पाना आसान नहीं है। हालांकि भाजपा की तरह लेफ्ट, सपा और बसपा भी वित्तमंत्री को गवाही के लिए बुलाने के पक्ष में हैं। भाजपा तो मांग माने जाने तक बैठकों से बाहर रहने का ऐलान भी कर चुकी है।
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समिति के सदस्य व पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा हाल में चाको को पत्र लिखकर साफ कर चुके हैं कि गवाहों की सूची में प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को शामिल किए बिना भाजपा के सदस्य बैठकों में शामिल नहीं होंगे। इस मांग पर अड़ी भाजपा लगातार दो बैठकों का बहिष्कार कर चुकी है। इसके बाद चाको ने वित्तमंत्री को बुलाने का मामला स्पीकर के पास भेजा था। इस पर स्पीकर ने खुद विवाद में पड़ने की बजाए यह मामला समिति पर ही छोड़ दिया है।
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