फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   sp workers pressurised converted people for namaz.

'हिंदू' बने लोगों से सपाइयों ने कबाड़ के बीच पढ़वाई नमाज

Sat, 13 Dec 2014 12:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा, अलीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा, अलीगढ़ Updated Sat, 13 Dec 2014 12:16 PM IST
विज्ञापन
sp workers pressurised converted people for namaz.

आगरा में आठ दिसंबर को धर्म परिवर्तन कार्यक्रम के दौरान जिन हाथों ने हवन में आहुति डाली थी, शुक्रवार को वही हाथ खुद के सजदे में उठे। वेद नगर के पीछे की बस्ती में पुलिस और नागरिक सुरक्षा संगठन की मौजूदगी में कबाड़ के बीच गंदगी में चटाई और तिरपाल बिछाकर जुमे की नमाज अदा कराई गई। सपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें मस्जिद के पास से लौटाकर बस्ती में ही अदा कराने का दबाव डाला था। गंदगी और कबाड़ के बीच नमाज अदा करने पर उलेमा ने नाराजगी जताई है।

विज्ञापन


शुक्रवार को बस्ती के लोग जुमे की नमाज अदा करने के लिए मधु नगर गए थे। चेहरे चमकाने आए सपा कार्यकर्ता उन्हें मस्जिद के पास से लौटाकर बस्ती में ही ले गए और नमाज अदा कराने का दबाव डाला। ऑल इंडिया दीनी मदासिर बोर्ड के प्रदेश महामंत्री मौलाना उजेर आलम ने कहा कि नमाज में नेतागिरी नहीं होनी चाहिए। जब वह मधु नगर नमाज पढ़ने के लिए निकल गए थे, तो उन्हें क्यों बुलाया? जुमे की नमाज तब ही दूसरी जगह अदा हो सकती है, जब काफी दूर तक कोई मस्जिद न हो। एक सारिक अहमद का कहना था कि अब बस्ती के लोगों को धर्म के प्रति जागरूक करने के लिए यहां मौलवी की व्यवस्था की जाएगी। इस बीच, दहशत के चलते तो लोग बस्ती छोड़कर चले गए थे, उनमें से कुछ लोग लौट आए हैं।
विज्ञापन


धर्मांतरण के खिलाफ हजारों मुस्लिम एकजुट
धर्मांतरण के विरोध में धर्मगुरु भी सड़कों पर हैं। शुक्रवार को जामा मस्जिद में जुमे की नमाज को जुटे हजारों मुस्लिमों की सभा भी हुई। शहर मुफ्ती खुबेब रूमी ने जामा मस्जिद में मौजूद एडीएम सिटी राजेश श्रीवास्तव और एसपी सिटी समीर सौरभ से धर्मांतरण के आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की। इसको लेकर जामा मस्जिद के बाहर आकर ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान आरएसएस, बजरंग दल, शिवसेना, विहिप के खिलाफ की जमकर नारेबाजी की। शहर मुफ्ती खुबेब रूमी ने जामा मस्जिद में मौजूद एडीएम सिटी राजेश श्रीवास्तव और एसपी सिटी समीर सौरभ से प्रकरण पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि प्रशासन अहले शहर की भावनाओं का ख्याल रखें। धर्मांतरण के आरोपियों पर कार्रवाई की जाए। एडीएम सिटी ने शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इसके बाद जामा मस्जिद के बाहर आकर ज्ञापन सौंपा गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

संघ ने किया किनारा, भाजपा ने भी नकारा

sp workers pressurised converted people for namaz.

धर्मांतरण प्रकरण के बाद से मुख्य आरोपी नंदकिशोर अलग-थलग पड़ गया है। संघ के धर्म जागरण प्रकल्प के प्रांत संयोजक के रूप में सालों से सक्रियता के साथ घर वापसी जैसे कार्यक्रम आयोजित करने वाला नंदकिशोर कभी संघ की आंखों का तारा हुआ करता था। अब संघ के स्थानीय पदाधिकारियों का कहना है कि उनके यहां नंदकिशोर नाम का शख्स है तो सही लेकिन वह संस्कार भारती से जुड़े हुए हैं। वहीं, गुरुवार को भाजपा कार्यालय पर प्रेसवार्ता में ब्रजक्षेत्र अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने नंदकिशोर को ‘एक नंदकिशोर नाम के व्यक्ति’ संबोधित करते हुए उससे किनारा कर लिया था।

वांछित नंदकिशोर पर पांच हजार का इनाम

धर्मांतरण प्रकरण के मुख्य आरोपी नंदकिशोर वाल्मीकि पर एसएसपी ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस ने शुक्रवार को अदालत से उसके गैर जमानती वारंट हासिल कर लिए। अब उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। उसने मंडल में इसके पूर्व कहां धर्म परिवर्तन कराए। ये भी पता किया जा रहा है। पता चला है कि शाहगंज के किसी मामले में उस पर गैंगस्टर लगा था। पुलिस ने सन 2000 के रिकॉर्ड को खंगाल डाला, लेकिन रिकॉर्ड हाथ नहीं आया। पुलिस ने उसके कई रिश्तेदारों को भी हिरासत में ले रखा है। पुलिस टीम हाथरस और अलीगढ़ भी गई है।

केंद्रीय मंत्री कठेरिया की तीन मांग
पूरे प्रकरण पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया ने तीन बिंदुओं पर जांच की मांग रखी है। उनका कहना है कि पूरे प्रकरण की सत्यता, साजिशन बांग्लादेशी घुसपैठियों के प्रवेश और लोगों के बयान पलटने को लेकर जांच की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि जांच में यदि घर वापसी कराने के लिए किसी के साथ जबरदस्ती करने की बात सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

प्रशासन ने की भोजन की व्यवस्था
धर्मांतरण प्रकरण के चौथे दिन प्रशासन को बस्ती के भूखे-प्यासे लोगों की याद आई। शुक्रवार को प्रशासन ने भोजन की व्यवस्था करने की घोषणा की। हालांकि मामला गर्म रहने तक ही यह व्यवस्था है। सुबह-शाम दाल-चावल, मसाले और लकड़ी का इंतजाम प्रशासन की ओर से किया जाएगा। शुक्रवार को एसीएम चतुर्थ केहरी सिंह ने व्यवस्था का जायजा लिया। हालांकि सुबह का भोजन गुरुवार को सपा शहर अध्यक्ष की ओर से कराए गए भोजन के बचे सामान से तैयार किया गया।

धर्मांतरण के जख्म पर अक्षर ज्ञान का मरहम

sp workers pressurised converted people for namaz.

हर रोज कूड़ा बीनने वाले हाथों में शुक्रवार को कलम-किताब नजर आई। जुबां पर 'अलिफ' से 'अल्लाह', तो 'पे' से 'प्यार'। उनके लिए यह पैगाम भले ही किताबी हो, लेकिन धर्मांतरण के जो जख्म दिल-ओ-दिमाग पर हैं, उसे अक्षर ज्ञान से ठीक करने की कवायद में उलेमा जुट गए हैं।

देवरी रोड स्थित वेद नगर की बस्ती में शुक्रवार को कई उलेमा ने बच्चों से लेकर बड़ों तक को मजहबी और स्कूली पाठ्यक्रम की किताबें बांटीं। जमीन पर तिरपाल बिछाकर इन्हें ऑल इंडिया तहरीक-ए-सुन्नियत के जिलाध्यक्ष हाजी मौलाना मसरूर रजा कादरी ने तालीम देना शुरू किया। कुछ बच्चे दीनी तालीम से थोड़ा वाकिफ थे, पर अधिकांश के लिए यह नया और अनूठा अनुभव था। हाथों में किताब देख बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखर गई।

रेहान ने कहा कि हमें तो यह किताबें पहली बार पकड़ने को मिली हैं। मगर, अच्छा लग रहा है। नाजमा ने कहा कि सोचा नहीं था कि हमें कभी पढ़ने का मौका भी मिलेगा। यह सिलसिला जारी रहे। उलेमा-ए-अहिले सुन्नत तंजीम के सदर मुफ्ती मोहम्मद मुदस्सिर खान कादरी ने कहा कि इनकी दीक्षा जारी रहेगी। पूरे देश की तंजीम इस घटना पर नजर बनाए हुए हैं। मौलाना अरशदर्रहमान कादरी ने कहा कि यहां पर इनके पढ़ाई-लिखाई का इंतजाम किया जाएगा।

एएमयू छात्रसंघ की ‘संघ’ को चेतावनी

sp workers pressurised converted people for namaz.

आगरा से अलीगढ़ तक पहुंची धर्मांतरण की लपटें अब पूरे समाज को झुलसाने लगी हैं। एएमयू छात्रसंघ ने शुक्रवार को ऐलान किया कि 25 दिसंबर को अलीगढ़ में आयोजित होने जा रहे धर्म रक्षा संकल्प यज्ञ एवं हिंदू पंचायत का जबरदस्त विरोध होगा। अब आरएसएस को सबक सिखाने का वक्त आ गया है। वहीं, सिटी क्राइस्ट मैथोडिस्ट चर्च शीशियापाड़ा के फादर सोनथन लाल ने जिलाधिकारी से मिलकर गिरिजाघरों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। इधर, धर्मांतरण कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने दोपहर सड़कों पर रैपिड एक्शन फोर्स को उतार कर सख्ती का संदेश दिया है।

एएमयू छात्रसंघ ने कहा कि आरएसएस देश के अंदर एक नया पाकिस्तान बनाने का प्रयास कर रहा है। अब आरएसएस को सबक सिखाने का वक्त आ गया है। छात्र संघ उपाध्यक्ष मसूद उल हसन का कहना है कि देश को पहला आतंकी आरएसएस ने ही दिया था, जिसका नतीजा था कि नाथूराम गोडसे ने पूरी दुनिया को अहिंसा का संदेश देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की नृशंस हत्या कर दी थी। अब वही आरएसएस फिर से देश को बांटना चाहती है। जिलाधिकारी ने धर्मांतरण या धार्मिक आयोजनों पर निगाह रखने और धर्मांतरण की अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी है। धर्मांतरण कार्यक्रम के आयोजन स्थल को लेकर जिला प्रशासन के निर्देश पर सीओ फर्स्ट कोतवाली में महेश्वर इंटर कालेज के प्रबंधक से वार्ता कर सहयोग मांगा।  

‘घर वापसी’ को हिंदूवादी सक्रिय, खुफिया तंत्र सतर्क
अलीगढ़ में क्रिसमस के मौके पर धर्मांतरण के संभावित कार्यक्रम के मद्देनजर हिंदूवादी संगठन सक्रिय हैं और अपने उच्च पदाधिकारियों के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। तैयारी भी कर रहे हैं कि यदि कोई कार्यक्रम हो तो यहां से भी लोगों को इसमें शामिल कराने के लिए ले जाया जा सके। इधर, खुफिया तंत्र इसे लेकर खासा सतर्क है। हसायन में पुलिस द्वारा ‘घर वापसी’ करने वालों से पूछताछ इसी का हिस्सा माना जा रहा है। यह भी टोह ली जा रही है कि आखिर अब हिंदूवादियों की क्या गतिविधि है। कहीं ऐसा नहीं हो कि हल्ला अलीगढ़ के कार्यक्रम का हो और कार्यक्रम स्थल बदलकर इस जिले में हो जाए।

अलीगढ़ में होने वाले घर वापसी आयोजन की तैयारियों में ‘ब्रेक’!
आगरा की बस्ती में धर्म परिवर्तन आयोजन पर विवाद खड़ा होने के बाद अलीगढ़ में होने जा रहे ‘घर वापसी’ आयोजन की तैयारियों पर ‘ब्रेक’ लग गया है। हिंदूवादी संगठन जिस तेजी के साथ इस आयोजन की तैयारियों में जुट थे, वह फिलहाल ताजा विवाद से बचने की मुद्रा में हैं। कुछ पदाधिकारी प्रशासनिक जांच के दबाव से बचने के लिए गुप्त ठिकानों पर चले गए हैं।

बता दें कि धर्म जागरण और अन्य हिंदूवादी संगठन द्वारा 25 दिसंबर को अलीगढ़ में बड़े स्तर पर ईसाईयों का घर वापसी कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें कुछ मुस्लिमों की घर वापसी का भी दावा किया जा रहा था। मगर, आठ दिसंबर के धर्मांतरण कार्यक्रम में विवाद खड़ा होने जाने के बाद से हिंदूवादी संगठनों के अधिकांश पदाधिकारी इधर-उधर हो गए हैं। हालांकि धर्म जागरण की गुपचुप बैठकें जारी हैं। बता दें कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और इसके ब्रज प्रांत के प्रकल्पों का जयपुर हाउस स्थित माधव भवन ही है।

अलीगढ़ पहुंचे धर्म जागरण समिति के संगठन मंत्री

sp workers pressurised converted people for namaz.

करीब छह महीने बाद धर्म जागरण समिति के विभाग संगठन मंत्री विद्याराम पांडे अलीगढ़ में पहुंच गए हैं। पांडे का कहना है कि 25 दिसंबर को प्रस्तावित धर्म रक्षा संकल्प यज्ञ तक अलीगढ़ से हिलेंगे नहीं। कार्यक्रम हर हाल में होगा, यह तय है। यदि कानूनी लड़ाई लड़ने की नौबत आ गई तो भी समिति के पदाधिकारी पीछे नहीं हटेंगे। हर कदम फूंक-फूंक कर उठाया जा रहा है। अधिकारियों की व्यस्तता के कारण समिति एवं प्रशासन के बीच शुक्रवार को बातचीत नहीं हो सकी।

25 दिसंबर को प्रस्तावित यज्ञ एवं हिंदू पंचायत को लेकर देश भर में तहलका मचा है। धर्म जागरण समिति के पदाधिकारियों के पास अलीगढ़ से लेकर दिल्ली तक से फोन आ रहे हैं। शुक्रवार को समिति के स्थानीय नेताओं की बैठक प्रशासनिक अधिकारियों के साथ होनी थी, लेकिन अधिकारियों की व्यस्तता के कारण नहीं हो सकी। कई संगठन एवं राजनीतिक दल संकल्प यज्ञ पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। इसके बाद तरह-तरह के सवाल भी उठने लगे हैं। दूसरी तरफ धर्म जागरण समिति के लोग संकल्प यज्ञ मनाने को लेकर अडिग है। जरूरत पड़ी तो कानूनी लड़ाई लड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं।

समिति के विभाग संयोजक सत्यप्रकाश नवमान का कहना है कि हमलोग कोई गलत काम करने नहीं जा रहे। पिछले एक साल में जो लोग घर वापस आए हैं, उनका स्वागत करेंगे। यह अधिकार संविधान प्रदत्त है। इसे रोका गया तो कानूनी लड़ाई लड़ने को भी पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए कार्यक्रम महत्वपूर्ण है स्थल नहीं। उन्होंने कहा कि इस बार कुछ लोगों ने ड्रामेबाजी शुरू कर दी है। उनको नहीं पता है कि हमलोग कोई कार्य दबाव बनाकर या जबरदस्ती नहीं करते। सारा काम प्यार से होता है। फर्जी कार्य करेंगे तो समाज के लोग हमारे कपड़े उतार लेंगे। विभाग संगठन मंत्री विद्याराम पांडे का कहना है कि तैयारी पूरी है। फिलहाल कार्यक्रम स्थल में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed