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रोजगार के तीर से सपा भेदना चाहती है ‘लक्ष्य 2014’

Thu, 04 Oct 2012 08:39 AM IST
शादाब रिज़वी/बुलंदशहर
शादाब रिज़वी/बुलंदशहर Updated Thu, 04 Oct 2012 08:39 AM IST
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sp wants to win lok sabha election through employment

बहुमत से सूबे की बागडोर संभालने वाले युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का अब ‘लक्ष्य 2014’ को भेदने की तैयारी है। पिता मुलायम सिंह यादव को पीएम बनाने के नारे के साथ ‘लक्ष्य 2014’ फतह करने को उन्होंने रोजगार के तीर को कमान से छोड़ने की रणनीति तैयार की है। बेरोजगारी भत्ता देने के ऐलान को सपा लाभकारी मान रही है। इसलिए बुलंदशहर समेत वेस्ट यूपी के सभी जिलों से सरकारी विभागों में विशेष भर्ती अभियान छेड़ने का उद्घोष भी कर दिया है। बाकायदा सभी विभागों से रिक्तियों की जानकारी मांगी गई है।

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मुख्य सचिव के निर्देश पर नियुक्ति विभाग की तरफ से जिलों से मांगी गई जानकारी में पुलिस, पीएसी, शिक्षा, स्वास्थ्य और सहकारिता प्रमुख विभाग शामिल हैं। खुद सीएम ने तीन दिन पहले ही पुलिस और पीएसी में बड़े पैमाने पर भर्ती करने का एलान भी किया। दरअसल, भर्ती के तीर से हर जाति के बेरोजगारों को साधना अखिलेश सरकार की मंशा है। पुलिस और पीएसी में भर्ती को सबसे ज्यादा फायदा हमेशा से पिछड़े वर्ग (यादव, जाट और गूजरों) को मिलता है। वेस्ट यूपी में इन जातियों की बहुतायत है। सहकारिता विभाग में नौकरी का फायदा किसानों के बच्चों को मिलेगा।
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स्वास्थ्य और बेसिक शिक्षा में बड़ी तादाद में मुस्लिम लाभान्वित होंगे। मुस्लिमों के लिए अदीब, माहिर, कामिल को भी यूपी बोर्ड और संबंधित विश्वविद्यालय की डिग्री के बराबर मान्यता देना भी ‘लक्ष्य 2014’ को भेदने में राह आसान करना ही मकसद माना जा रहा है। युवा सीएम और उनकी पार्टी के थिंकटैंक का मानना है कि युवाओं को रोजगार देने के उस परिवार का जुड़ाव हर हाल में सपा के साथ होगा और इसका सीधा फायदा 2014 के लोकसभा चुनाव में मिलेगा।
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इन जिलों से होगी भर्ती
बुलंदशहर, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, मुरादाबाद, मथुरा, अमरोहा, संभल, रामपुर आदि वेस्ट यूपी के प्रमुख जिले हैं।

प्रमोशन की झड़ी भी रणनीति के तहत
सपा सरकार ने दो माह में बड़े पैमाने पर वेस्ट यूपी में अफसरों के प्रमोशन कर दिए। सहकारिता विभाग में अपर जिला सहकारी अधिकारियों के प्रमोशन किए हैं। कुछ को वरिष्ठता के आधार पर सहायक निबंधक बना दिया। वेस्ट यूपी में बुलंदशहर में स्थायी सहायक निबंधक के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, अमरोहा, संभल आदि जिलों में नए सहायक निबंधक तैनात कर दिए। बड़ी तादाद में तहसीलदारों को एसडीएम, एसडीएम को सिटी मजिस्ट्रेट और एडीएम बना दिया। दारोगाओं को इंस्पेक्टर, सीओ को अपर पुलिस अधीक्षक का तमगा देना भी आने वाले चुनाव में ब्यूरोक्रेसी को पक्ष में खड़ा करने की रणनीति ही मानी जा रही है।


बेरोजगारों की संख्या
बुलंदशहर            67,865
गाजियाबाद            48,796
हापुड़                65,352
मेरठ             1 लाख 25 हजार

सपा ने हमेशा हर वर्ग की उन्नति के लिए काम किया है। अब बड़े पैमाने पर प्रमोशन करने और भर्ती निकालने का मकसद हर घर के एक सदस्य को रोजगार देना है। पिछली सरकार में भर्ती और प्रमोशन पर ब्रेक लगा हुआ था।
- राजपाल सिंह, प्रदेश सचिव, समाजवादी पार्टी

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