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सपा का डीजल मूल्यवृद्धि पर विरोध दिखावा, असल में चांदी
लखनऊ/शैलेंद्र श्रीवास्तव
Updated Tue, 25 Sep 2012 02:00 AM IST
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डीजल मूल्य वृद्धि के केंद्र के फैसले का समाजवादी पार्टी राजनीतिक फायदे के लिए भले ही विरोध कर रही हो, लेकिन इसका असल फायदा यूपी सरकार को ही है। डीजल पर लगने वाला मूल्य संवर्द्धित कर (वैट) सरकारी खजाने के लिए बेहद मुफीद है। प्रदेश सरकार डीजल पर 17.23 प्रतिशत की दर से वैट वसूलती है। डीजल की बढ़ी कीमतों से यूपी को एक लीटर पर 86 पैसे और प्रतिदिन करीब दो करोड़ रुपये का अतिरिक्त फायदा हुआ है।
यूपी में मूल्य वृद्धि के बाद 44.05 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला डीजल 49.91 रुपये प्रति लीटर हो गया। इसके चलते प्रति लीटर डीजल पर मिलने वाला वैट 6.34 से बढ़कर 7.20 रुपये हो गया। यूपी में डीजल की औसत खपत 7.06 लाख किलो लीटर प्रति माह है। इस हिसाब से डीजल मूल्य वृद्धि से वैट के रूप में यूपी को प्रतिदिन 2 करोड़ और एक माह में करीब 60 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने लगी है। अक्तूबर से 31 मार्च 2013 तक करीब 360 करोड़ रुपये अतिरिक्त फायदा होने की उम्मीद है। वर्ष 2011-12 में सरकार को डीजल पर वैट से 4,330 करोड़ रुपये राजस्व मिला था।
पेट्रोल में भी पौ बारह
पूर्व में पेट्रोल पर किए गए मूल्य वृद्धि का भी यूपी को सबसे अधिक फायदा मिला है। यहां पेट्रोल पर 26.55 प्रतिशत की दर से वैट वसूला जाता है, जबकि दिल्ली में 20 प्रतिशत और हरियाणा में 21 प्रतिशत। यूपी को वैट के रूप में पेट्रोल पर वर्ष 2011-12 में जहां 2700 करोड़ रुपये मिले थे, वहीं इस वर्ष तीन माह में ही 1,023 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। प्रदेश सरकार वैट की दर घटाकर जनता को कुछ राहत दे सकती है। हाल ही में बिहार सरकार ने डीजल पर वैट 18 से घटाकर 16 प्रतिशत किया है। इससे डीजल वहां 85 पैसे सस्ता हुआ।
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वादा भूली सपा
सपा ने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट की दरें पड़ोसी राज्यों के समान की जाएंगी। घोषणा पत्र के मुताबिक वाणिज्य कर विभाग ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास भेजा था। इसमें तर्क दिया गया कि यूपी में डीजल पर वैट 17.23 प्रतिशत की दर से लिया जा रहा है। हरियाणा में 9.24 प्रतिशत सरचार्ज के साथ तथा पंजाब में भी यह सरचार्ज सहित 9.07 प्रतिशत है। यूपी में वैट की दरें यदि 9 प्रतिशत की जाती है तो इससे राज्य सरकार को करीब 2000 करोड़ रुपये सालाना राजस्व की हानि होगी, लेकिन वाणिज्य कर विभाग के इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार ने अभी तक कोई निर्णय नहीं किया है।
डीजल पर कहां कितना वैट
यूपी में ----- 17.23 प्रतिशत
हरियाणा ----- 9.24 प्रतिशत
पंजाब ----- 9.07 प्रतिशत
दिल्ली ----- 12.5 प्रतिशत
बिहार ----- 16 प्रतिशत
डीजल पर वैट व मार्जिन
बेसिक कीमत ----- 41.80 रुपये
वैट ----- 7.20 रुपये
डीलर मार्जिन ----- 0.91 पैसे
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यूपी में मूल्य वृद्धि के बाद 44.05 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला डीजल 49.91 रुपये प्रति लीटर हो गया। इसके चलते प्रति लीटर डीजल पर मिलने वाला वैट 6.34 से बढ़कर 7.20 रुपये हो गया। यूपी में डीजल की औसत खपत 7.06 लाख किलो लीटर प्रति माह है। इस हिसाब से डीजल मूल्य वृद्धि से वैट के रूप में यूपी को प्रतिदिन 2 करोड़ और एक माह में करीब 60 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने लगी है। अक्तूबर से 31 मार्च 2013 तक करीब 360 करोड़ रुपये अतिरिक्त फायदा होने की उम्मीद है। वर्ष 2011-12 में सरकार को डीजल पर वैट से 4,330 करोड़ रुपये राजस्व मिला था।
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पेट्रोल में भी पौ बारह
पूर्व में पेट्रोल पर किए गए मूल्य वृद्धि का भी यूपी को सबसे अधिक फायदा मिला है। यहां पेट्रोल पर 26.55 प्रतिशत की दर से वैट वसूला जाता है, जबकि दिल्ली में 20 प्रतिशत और हरियाणा में 21 प्रतिशत। यूपी को वैट के रूप में पेट्रोल पर वर्ष 2011-12 में जहां 2700 करोड़ रुपये मिले थे, वहीं इस वर्ष तीन माह में ही 1,023 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। प्रदेश सरकार वैट की दर घटाकर जनता को कुछ राहत दे सकती है। हाल ही में बिहार सरकार ने डीजल पर वैट 18 से घटाकर 16 प्रतिशत किया है। इससे डीजल वहां 85 पैसे सस्ता हुआ।
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वादा भूली सपा
सपा ने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि सत्ता में आने के बाद पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट की दरें पड़ोसी राज्यों के समान की जाएंगी। घोषणा पत्र के मुताबिक वाणिज्य कर विभाग ने प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास भेजा था। इसमें तर्क दिया गया कि यूपी में डीजल पर वैट 17.23 प्रतिशत की दर से लिया जा रहा है। हरियाणा में 9.24 प्रतिशत सरचार्ज के साथ तथा पंजाब में भी यह सरचार्ज सहित 9.07 प्रतिशत है। यूपी में वैट की दरें यदि 9 प्रतिशत की जाती है तो इससे राज्य सरकार को करीब 2000 करोड़ रुपये सालाना राजस्व की हानि होगी, लेकिन वाणिज्य कर विभाग के इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार ने अभी तक कोई निर्णय नहीं किया है।
डीजल पर कहां कितना वैट
यूपी में ----- 17.23 प्रतिशत
हरियाणा ----- 9.24 प्रतिशत
पंजाब ----- 9.07 प्रतिशत
दिल्ली ----- 12.5 प्रतिशत
बिहार ----- 16 प्रतिशत
डीजल पर वैट व मार्जिन
बेसिक कीमत ----- 41.80 रुपये
वैट ----- 7.20 रुपये
डीलर मार्जिन ----- 0.91 पैसे