सपा ने खेला मुस्लिम आरक्षण का कार्ड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रमोशन में आरक्षण विधेयक को पारित कराने की सरकार की पूरी तैयारी के जवाब में सपा ने राज्यसभा में मुस्लिम आरक्षण की मांग करने के लिए सच्चर समिति की रिपोर्ट का सहारा लिया। सपा नेता रामगोपाल यादव ने प्रश्नकाल शुरू होते ही यह मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सच्चर समिति के अध्ययन व रिपोर्ट में कहा गया था कि मुसलमानों की स्थिति दलितों से भी खराब है। जब सरकार प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन कर रही है तो धर्म आधारित आरक्षण के लिए संविधान में संशोधन क्यों नहीं किया जा सकता।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने उनसे यह मामला शून्यकाल में उठाने और प्रश्नकाल चलने देने के लिए कहा। लेकिन सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने अपने सदस्यों से सभापति के आसन के पास एकत्र होने का आह्वान किया। जिसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी।
यही दृश्य लोकसभा में भी दिखा। जहां सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में पार्टी ने प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ आवाज उठाई। सपा के सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के आसन के समक्ष खड़े होकर विधेयक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे, जिससे प्रश्नकाल बाधित हुआ। लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सपा सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें शून्यकाल में मुद्दा उठाने दिया जाएगा।
संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने भी सपा सदस्यों से शांत होने की अपील की। लेकिन हंगामा शांत नहीं हुआ। जिसके चलते सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी। इस दौरान कमलनाथ और नारायणसामी ने मुलायम सिंह को भी मनाने की काफी कोशिश की। मगर सपा सदस्यों ने हंगामा जारी रखा। सपा के हंगामे को देखते हुए आखिरकार तीन बजे लोकसभा पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। बाद में मुलायम ने भी कहा कि मुस्लिम आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन लाया जाना चाहिए।