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वाह रे यूपी पुलिस! सात दिन में लिखा मुकदमा, दो घंटे में खत्म

Sat, 04 Jul 2015 08:01 AM IST
Updated Sat, 04 Jul 2015 08:01 AM IST
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SP leader accused of rape, Police give 'clean chit' few hours.

काश! हर मामले में पुलिस तफ्तीश की रफ्तार इतनी ही फास्ट होती। ऐसा होता तो थानों में विवेचनाओं का अंबार न लगता।

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सपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली महिला को रिपोर्ट लिखाने में पूरे सात दिन लग गए। लेकिन आरोपी सपा नेता को क्लीन चिट देने में पुलिस को दो घंटे भी नहीं लगे।

पुलिस ने शुक्रवार दोपहर को सपा नेता और उसके दो साथियों पर गैंगरेप का केस दर्ज किया और शाम होने से पहले ही उसे मारपीट में तरमीम कर दिया। पुलिस का कहना है कि गैंगरेप का आरोप झूठा था घटना केवल मारपीट की थी जो एनसीआर की श्रेणी में आती है।
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सिविल लाइन थाना क्षेत्र में काजीपुरा निवासी एक महिला ने 27 जून को सिविल लाइन पुलिस को तहरीर देकर काजीपुरा निवासी सपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष मतीन और उसके साथियों मुकीम व शमशेर पर गैंगरेप का आरोप लगाया था।

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तफ्तीश के बाद गैंगरेप का केस मारपीट में तरमीम

SP leader accused of rape, Police give 'clean chit' few hours.

महिला ने आरोप लगाया था कि 27 जून को चारे के विवाद में वह सपा नेता के घर गई थी। लेकिन सपा नेता ने दो साथियों की मदद से उसे घर में खींच लिया और मारपीट करके उसके साथ गैंगरेप किया।

शुक्रवार को अगवानपुर पुलिस चौकी में सपा नेता मतीन और उसके साथियों मुकीम व शमशेर के खिलाफ पुलिस ने सामूहिक बलात्कार का मुकदमा दर्ज कर लिया। लेकिन शाम होते-होते गैंग रेप खत्म हो गया और मामला केवल मारपीट का रह गया।

हालांकि इससे पहले सपा नेता ने चौकी पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। उसने रिपोर्ट लिखाने वाली महिला के खिलाफ तहरीर दी। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि सपा नेता की तहरीर पर भी केस दर्ज किया गया है।

मामले में एसपी सिटी डॉ. राम सुरेश यादव ने बताया कि तफ्तीश में पता चला है कि मामला गैंगरेप का नहीं बल्कि चारे के विवाद का है जिसमें केवल मारपीट हुई थी। तफ्तीश के बाद गैंगरेप की धाराएं हटा दी गई हैं अब मामला केवल मारपीट और गाली गलौज का रह गया है।

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