सावधान! आपके रोटी-चावल में भी हो रही मिलावट
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झक सफेद गेहूं के आटे का फुलका (तवे की रोटी) किसे अच्छा नहीं लगता। तंदूर में ऐसी रोटी सिंकने के बाद खिल जाती है, लेकिन कम लोगों को पता होगा कि आटे में मिलावट करके इसे सुंदर बनाया जा रहा है। इस बार बेमौसम बारिश में गेहूं का रंग फीका होने के कारण इस धंधे के जोर पकड़ने के आसार हैं। खास बात यह भी कि इसे आसानी से किसी प्रयोग से पहचाना भी नहीं जा सकता।
क्या मिलाते हैं
मिलावट खोर इसमें पाउडर मिलाते हैं। यह भूसी से निकलता है और खाद्य सुरक्षा विभाग इसे ‘फीका स्वाद’ कहता है। फीका स्वाद को मिलाने के बाद शुद्ध गेहूं के आटे से बनी रोटी में आने वाला हल्का सुनहरा रंग सफेद में बदल जाता है।
क्या है नुकसान
इस मिलावट से होने वाले नुकसान का ठीक-ठीक पता नहीं लग सका है।
कैसे करें पहचान
स्वाद और आटा गूंथने के अनुभव से ही इसकी पहचान की जा सकती है। शुद्ध गेहूं का आटा गूथने में पानी अधिक लेता है। इसकी रोटी अच्छी तरह फूलती है और स्वाद में रोटी की मिठास लिए रहती है। इसके उलट मिलावटी गेहूं के आटे की रोटी सफेद और स्वाद में फीकी होती है। आटा गूथने में पानी भी कम लगता है।
पाचन तंत्र के लिए खतरनाक रंग मिला चावल
सावधान, एसेंस और मैटानिल रंग की सहायता से खुशबूदार बढ़िया चावल बाजार में उतारे जा रहे हैं। मुनाफाखोर ऐसा मुफ्त की चांदी काटने के लिए कर रहे हैं और पहचान न होने के कारण इन बनावटी चावल के भ्रम में लोग ठगे जा रहे हैं।
क्या है नुकसान
ऐसा चावल पाचन तंत्र पर बुरा असर डालता है। रंग यकृत पर भी विपरीत प्रभाव डालता है।
क्या करें
चावल खरीदने से पहले हथेली में चावल लें और उसमें थोड़ा सा पानी डालकर रगड़ें। रंग मिला चावल खुद ही पूरी कहानी कह जाएगा। पीला रंग आपके हाथ में लग जाएगा।
क्या बरते सावधानी
बाजार से खरीदे चावल को गुनगुने पानी में थोड़ी देर रख दें और इसके बाद उसे साफ पानी से धोकर इस्तेमाल करें।