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दो भाइयों ने IIT टेस्ट किया पास, पिता के पास पढ़ाने के लिए नहीं पैसे

Sat, 20 Jun 2015 02:04 PM IST
Updated Sat, 20 Jun 2015 02:04 PM IST
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Sons in IIT top-500, daily-wager dad doesn't have Rs 1L for fees

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के रेहुआ लालगंज क्षेत्र के रहने वाले दो भाइयों ने आईआईटी की परीक्षा पास कर ली है। पर दोनों भाइयों के पास पढ़ने के लिए पैसे तक नहीं है। उत्तर के प्रतापगढ़ जिले के रेहुआ लालगंज क्षेत्र के रहने वाले धर्मराज सरोज इस समय असमंजस में हैं। उनके दोनों ही लड़कों ने भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक आईआईटी को पास कर लिया है।

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टीओआई की खबर के मुताबिक यही नहीं दोनों ने टॉप-500 में भी अपना स्थान बना लिया है। एक भाई की रैंक 167 और दूसरे भाई की रैंक 410 आई है। धर्मराज दिहाड़ी के अनुसार पैसा कमाते हैं और उनके पास इतना पैसा नहीं है कि वो दोनों के एडमिशन के लिए 1 लाख रूपए जमा कर पाएं।
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धर्मराज सूरत की एक मिल में काम करते हैं और मुश्किल से अपने सात लोगों के परिवार का भरण पोषण कर पाते हैं। धर्मराज के बेटे राजू 18 वर्ष और ब्रजेश 19 वर्ष ने जब उनको अपनी इस सफलता के बारे में बताया में तो धर्मराज असमंजस में थे कि कैसे वो अपने दोनों बच्चों की फीस का इंतजाम कर पाएंगे। राजू ने 167 और ब्रजेश ने 410 रैंक प्राप्त की है। पर उनके घर पर इस बात का जश्न नहीं मनाया जा रहा है।
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'उनके पास तो एक इंच जमीन भी नहीं'

Sons in IIT top-500, daily-wager dad doesn't have Rs 1L for fees

धर्मराज की रातों की नींद गायब है कि कैसे अपने बच्‍चों की फीस के लिए 1 लाख रुपए का इंतजाम वो करेंगे। वहीं पूरी पढ़ाई का खर्चा तो उनके लिए और भी बढ़ी मुसीबत की बात है।

अपने एक बच्चे की पहले सेमेस्टर और एडमिशन फीस के लिए उन्हें 50,000 रूपए की जरूरत है। राजू ने कहा कि सच में ये हमारे लिए एक बड़ी सफलता है। पर हमें चिंता है कि अपनी 25 जून को होने वाली काउंसिलिंग से पहले हमे पैसे का इंतजाम कैसे करेंगे। क्योंकि बैंक भी हमें लोन एडमिशन होने के बाद ही देगा।

धर्मराज के परिवार एक मिट्टी से बनी हुई झोपड़ी में रहता है और उनके पास आठ बकरी, एक साइकिल और एक टेबल फैन है। धर्मराज जब डबल शिफ्ट में काम करते है तो उनको महीने में 12,000 रूपए का वेतन मिलता है।

धर्मराज के दोनों ही बच्चों ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रतापगढ़ से पढ़ाई की है। दोनों को जब स्कॉलरशिप मिली तो उन्होंने आईआईटी की प्रवेश परीक्षा की तैयारी की। धर्मराज ने कहा कि अब वो क्या करें, उनके पास तो एक इंच जमीन भी नहीं है।

पनीर की सब्जी तक नहीं खाई

Sons in IIT top-500, daily-wager dad doesn't have Rs 1L for fees

दोनों ही भाइयों ने अपनी दसवीं की परीक्षा में 95% अंक प्राप्त किए थे। इसके बाद उन्हें स्कॉलरशिप मिल गई थी। ब्रजेश आईआईटी की पढ़ाई पूरी करने के बाद आईएएस की तैयारी करना चाहता है तो राजू आईआईटी की पढ़ाई पूरी करने के बाद एमबीए की पढ़ाई पूरी करना चाहता है। राजू अपने और अपने परिवार के लिए पैसा कमाना चाहता है। अभी इनका परिवार दो कमरों में रहता है।

पिछले साल ही इनके घर में बिजली लगी है। इस परिवार के बच्चों ने कभी पनीर की सब्जी तक नहीं खाई है। न उनके पास रेडियो है और न ही टेलीविजन सेट।

मीडिया में दोनों भाइयों की खबर तेजी से प्रसारित होने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दोनों बच्चों को मदद देने का भरोसा दिलाया है।







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