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सोनिया की ताकत, पीएम की कमजोरी पर कांग्रेस की मुहर
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Sun, 12 May 2013 12:33 AM IST
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पवन बंसल और अश्वनी कुमार की छुट्टी के बाद कांग्रेस ने खुलकर कहना शुरू कर दिया है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी भ्रष्टाचार को कतई बर्दास्त नहीं कर सकते। लिहाजा दोनों मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई।
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दरअसल, पार्टी ने परोक्ष रूप से कह दिया है कि सोनिया की सख्ती के बाद ही दोनों मंत्रियों को हटाया गया है। पार्टी ने यह कह कर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कमजोर नेतृत्व पर भी परोक्ष रूप से मुहर लगा दी है।
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दोनों मंत्रियों के इस्तीफे की पटकथा पीएम और कांग्रेस अध्यक्ष की मुलाकात में ही लिखी गई। सोनिया ने ही पीएम को दो टूक निर्देश दिया कि वह दोनों मंत्रियों से तुरंत इस्तीफा लें।
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इसके बाद ही पीएम हरकत में आए और दो घंटे के अंदर दोनों मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई। सोनिया की सख्ती और पीएम की कमजोरी की बातों की पार्टी ने शनिवार को परोक्ष रूप से पुष्टि कर दी।
कांग्रेस प्रवक्ता भक्त चरण दास ने कहा कि शुक्रवार को उठाए गए कदम से यह साबित होता है कि कांग्रेस अध्यक्ष महज बातों में विश्वास नहीं करतीं।
कांग्रेस ने वादा भी किया कि अगर रेलवे रिश्वत मामले और कोयला घोटाले में दोनों मंत्री दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, भाजपा पर भी कांग्रेस ने पलटवार कर दिया है। पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि भाजपा का कभी चरित्र नहीं रहा है कि वह नैतिकता को कसौटी पर रखकर कोई फैसला करे।
भाजपा तो संसद में चर्चा नहीं होने देती, क्योंकि उसे पता है कि एक बार बात शुरू होगी तो दूर तक जाएगी। बंगारू लक्ष्मण और नितिन गडकरी से लेकर येदियुरप्पा के भ्रष्टाचार के मामले उछाले जाएंगे।
दास ने कहा कि भाजपा अपने गिरेबान में झांके। वह कर्नाटक का भ्रष्टाचार ना भूले। भाजपा गडकरी की कंपनियों की धोखाधड़ी की बात नकार नहीं सकती।