सोनिया-राहुल ने ली हार की जिम्मेदारी
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लोकसभा चुनाव में दहाई के आंकड़े पर सिमटी कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ली है। मगर करारी हार के उठ रहे सवालों को लेकर दोनों ने कोई जवाब देने से परहेज किया।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि यह जनादेश स्पष्ट रूप से पार्टी के खिलाफ है और वह पार्टी की अध्यक्ष हैं और इसके नाते वह इसकी जिम्मेदारी लेती हैं। इससे पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हार की जिम्मेदारी ली।
राहुल ने नई सरकार को बधाई दी। तो साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनावों में खराब प्रदर्शन किया है और पार्टी को इस बारे में सोचने की जरूरत है। राहुल ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष के रूप में वह पूरी विनम्रता से इसकी जिम्मेदारी लेते हैं।
राहुल-सोनिया ने दी नई सरकार को बधाई
दूसरी तरफ सोनिया गांधी ने कहा, लोकसभा चुनाव के नतीजे हमारे सामने है। कांग्रेस ने अपनी उपलब्धियों, नीतियों और सिद्घांतों के आधार पर इस चुनाव में अपने विरोधियों का सामना किया। फिर भी वह समर्थन हमें नहीं मिला। जिसकी हम आशा करते थे।
उन्होंने कहा कि पार्टी मानती है कि लोकतंत्र में हार जीत होती रहती है।
यह जनादेश स्पष्ट रूप से पार्टी के खिलाफ है। पार्टी मतदाताओं के इस निर्णय को विनम्रता से स्वीकार करती है और इसका आदर करते हैं। लेकिन इसके साथ ही पार्टी उम्मीद करती है कि केंद्र में जो सरकार बनेगी। वह भारतीय समाज की एकता और देश के हितों के साथ समझौता नहीं करेगी। वह नई सरकार को बधाई देती हैं।
'हार की जिम्मेदारी स्वीकार करती हूं'
सोनिया ने कहा कि जहां तक कांग्रेस का प्रश्न है। कांग्रेस अपनी पंरपरा, बुनियादी, सिद्घांतों और आदर्शों के लिए हमेशा संघर्ष करेगी और उनके साथ कोई समझौता नहीं करेगी।
सोनिया ने कहा, हमें जो भी समर्थन मिला है। उसके लिए मैं मतदाताओं और अपनी पार्टी के कार्यकताओं को धन्यवाद देती हूं।
सोनिया ने आखिर में कहा, मैं पार्टी की अध्यक्ष हूं, इसलिए हार की जिम्मेदारी मैं स्वीकार करती हूं।