सोनिया ने पलटा राहुल गांधी का बड़ा फैसला
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क्या कांग्रेस में सबकुछ ठीक चल रहा है? ये सवाल कांग्रेस के ताजा घटनाक्रम को लेकर उठे हैं। जिसमें कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की अनदेखी की गई है। ये अनदेखी किसी और ने नहीं खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से की गई है।
दरअसल उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को फिर से खड़ा करने की कवायद पार्टी की ओर से की जा रही है। इसके लिए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने खुद मोर्चा संभालते हुए प्रदेश की नई टीम में कटौती की योजना बनाई थी।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक राहुल गांधी ने कांग्रेस पदाधिकारियों की टीम को लगभग आधा करने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इसे नकारते हुए 400 से ज्यादा सदस्यों की नियुक्ति का फैसला लिया।
राहुल चाहते थे छोटी टीम
राहुल गांधी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री को एक प्रस्ताव भेजा जिसमें उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष को यूपी कांग्रेस कमेटी में पदाधिकारियों की संख्या कम करने की बात कही थी। राहुल के प्रस्ताव के मुताबिक टीम के सदस्यों की संख्या 250 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
राहुल के प्रस्ताव के बाद निर्मल खत्री ने कार्यसमिति के पदाधिकारियों की पूरी लिस्ट कांग्रेस आलाकमान को भेज दी। हालांकि सोनिया गांधी ने राहुल के प्रस्ताव की अनदेखी करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की भेजी गई लिस्ट को ही मंजूरी दे दी।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति की ओर से मंगलवार को पदाधिकारियों की नई लिस्ट पेश की गई। राहुल की ओर से पार्टी पदाधिकारियों की टीम में कटौती के प्रस्ताव के बाद भी इसमें ज्यादा बदलाव नहीं आया।
अगर नई पदाधिकारियों की टीम पर गौर करें तो इसमें 34 उपाध्यक्ष, 64 महासचिव, 43 आयोजन सचिव, 107 सचिव, 84 कार्यकारी समिति के सदस्य और 69 स्थायी आमंत्रित सदस्य शामिल हैं।
फिर से प्रदेश अध्यक्ष चुने गए निर्मल खत्री
निर्मल खत्री को एक बार फिर से प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है और हरीश बाजपेयी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके साथ-साथ बुधवार को 26 सदस्यों को कम्यूनिकेशन विभाग के लिए चुना गया है।
इसके बाद कांग्रेस प्रदेश कार्यसमिति में पदाधिकारियों की संख्या 425 पर पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के इतिहास में ये अब तक की सबसे बड़ी टीम मानी जा रही है। बता दें कि आठ महीने पहले ही पिछली प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति को भंग किया गया था। उस समय टीम में करीब 288 सदस्य थे।
प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति ने इस बार सभी वर्ग और सम्प्रदायों को अपनी नई टीम में शामिल किया है। निर्मल खत्री की नई टीम में 81 ब्राह्मण, 43 ठाकुर, 61 ओबीसी, 55 मुस्लिम, 52 दलित और दो आदिवासी वर्ग के सदस्य को भी जगह दी गई है। इसमें 35 महिलाएं भी शामिल हैं।
बड़ी टीम पर क्या बोली कांग्रेस?
यूपी कांग्रेस की इतनी बड़ी टीम को लेकर पार्टी की ओर से सफाई भी दी गई है। प्रदेश कांग्रेस कम्यूनिकेशन यूनिट के नए सदस्य वीएन मदान ने बताया कि उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य है।
विरोधियों को घेरने और पार्टी को मजबूत करने के लिए हमने ये टीम बनाई है। जिसमें सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
हालांकि पार्टी पदाधिकारियों की नई टीम के सामने आने के बाद पार्टी नेताओं में मतभेद भी सामने आए हैं। कार्यसमिति में मन-मुताबिक जगह नहीं मिलने पर दो पदाधिकारियों ने पार्टी छोड़ने की धमकी दे दी है। आमिर हैदर और सिराज वली खान चुनी गई नई कार्यसमिति से नाराज हैं।