दागी को टिकट थमाने को सोनिया ने ठहराया सही
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आदर्श घोटाले में फंसे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण को टिकट देने को लेकर हो रही आलोचनाओं को दरकिनार करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि चव्हाण के चुनाव लड़ने पर कोई रोक नहीं है। पार्टी चुनाव घोषणा पत्र जारी होने के बाद सोनिया ने कहा कि चव्हाण को चुनाव लड़ाने का फैसला केंद्रीय चुनाव समिति ने किया है।
सोनिया ने कहा कि जहां तक उन्हें पता है कि चव्हाण के चुनाव लड़ने पर किसी कानून के तहत कोई रोक नहीं है। इस संबंध में सवाल राहुल गांधी से पूछा गया था, मगर सोनिया ने खुद जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह इस सवाल का जवाब देंगी। पत्रकार ने राहुल से दोषी सांसदों और विधायकों को लेकर लाए जा रहे अध्यादेश को फाड़े जाने और दूसरी तरफ चव्हाण को टिकट देने को लेकर सवाल पूछा था।
महाराष्ट्र की नांदेड़ सीट से चव्हाण को टिकट दिया गया है। आदर्श घोटाले से संबंधित एक रिपोर्ट में चव्हाण का नाम आया था। रिपोर्ट को महाराष्ट्र सरकार के स्वीकार नहीं करने पर राहुल ने खुद पुनर्विचार करने को कहा था।
'बनारस में मोदी को चुनौती देगी कांग्रेस'
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भले ही बनारस में नरेंद्र मोदी के खिलाफ पार्टी के उम्मीदवार का खुलासा नहीं किया। मगर उन्होंने कहा कि पार्टी निश्चित तौर पर मोदी को चुनौती देगी। सोनिया के इस दावे के बाद माना जा रहा है कि जिस तरह वडोदरा में मोदी के खिलाफ पार्टी ने महासचिव मधुसूदन मिस्त्री को चुनाव में उतारा है। उसके बाद बनारस में भी किसी बड़े नेता को उतारने की चर्चा हो रही है।
ऐसे में पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह को मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारने की अटकलों का बाजार गरम हो गया है। चुनाव घोषणा पत्र जारी होने के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में सोनिया ने कहा कि हम निश्चित तौर पर बनारस सीट पर चुनौती देंगे। अभी उम्मीदवार का नाम तय नहीं हुआ है। सोनिया से सवाल किया गया था कि क्या कांग्रेस बनारस सीट पर मोदी से मुकाबला करेगी और अगर करेगी तो उम्मीदवार कौन होगा।
वहीं वडोदरा में मिस्त्री को उतारने को लेकर राहुल ने कहा कि शुरुआती दौर में वडोदरा से चुनाव लड़ने के लिए चयनित नरेंद्र रावत ने मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने में असमर्थता जाहिर की थी। रावत ने पार्टी नेतृत्व से कहा था कि वह मोदी के खिलाफ किसी दमदार नेता को उतारे। इसलिए मिस्त्री को मैदान में उतारा।