नीच सोच वाला देश का भला नहीं कर सकता: सोनिया
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो व्यक्ति कुर्सी के लिए मर्यादा की सारी सीमाएं तोड़ दे, उससे बड़ा गुनाह और क्या हो सकता। नीच सोच रखने और जातियों के बारे में ऊंच-नीच का भेदभाव रखने वाला व्यक्ति कभी देश का भला नहीं कर सकता।
भाजपा नेताओं को कोसते हुए कहा कि राजीव गांधी की शहादत के 23 साल बाद जिस तरह से उनके ऊपर आरोप लगाए गए, उससे ओछी हरकत और कुछ नहीं हो सकती।
वह बृहस्पतिवार को पडरौना के उदित नारायण डिग्री कॉलेज के मैदान में कांग्रेस के प्रत्याशी आरपीएन सिंह के पक्ष में चुनावी जनसभा को संबोधित कर रही थीं।
सोनिया ने मोदी को जमकर कोसा
अपने 20 मिनट के संबोधन में उन्होंने नरेंद्र मोदी और भाजपा को जहां जमकर कोसा, वहीं सपा और प्रदेश सरकार का नाम तक नहीं लिया। उन्होंने भाजपा नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि नफरत को बढ़ावा देने और जाति की राजनीति करने वाले देश को किस ओर ले जाएंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। सदियों पुरानी गंगा-जमुनी तहजीब का जिसे ख्याल न हो, वह देश क्या संभालेगा।
उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी भी प्रधानमंत्री और भाजपा के नेता रहे हैं, पर उन्होंने अपने पद की गरिमा का पूरा ख्याल रखा। अब इस पार्टी के लोग मर्यादा, शालीनता और परंपराओं को भूलते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता जिस गुजरात के विकास की तारीफ देश भर में कर रहे हैं, वह सच नहीं है। जनता को गुजरात के विकास की झूठी तस्वीर दिखाई जा रही है। गुजरात में अब भी काफी संख्या में लोग कुपोषित हैं। वहां के किसान परेशान हैं और लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गुजरात के 40 लाख परिवार अब भी गरीबी रेखा के नीचे हैं। कुछ लोग पूरे देश का यही हाल करना चाह रहे हैं।
सोनिया ने की यूपीए सरकार की तारीफ
उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं को गिनाते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने देश के लिए काफी कुछ किया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा की नकल विदेशों में की जा रही है। कई देशों में इसे अपनाने पर विचार किया जा रहा है, पर भाजपा नेता सच्चाई स्वीकार नहीं करना चाहते। वहीं भाजपा नेता गरीबों के कल्याण के लिए लागू की गई कई योजनाओं को बंद करने की बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पर आरोप लगता है कि वह आतंकवाद पर काबू नहीं पा सकी, जबकि सच यह है कि सबसे ज्यादा आतंकी हमले तब हुए, जब केंद्र में एनडीए की सरकार थी। यूपीए सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए काफी कुछ किया। देश की हिफाजत तभी की जा सकती है, जब खेत-खलिहान हरे-भरे हों। हमने सैनिकों के लिए वन रैंक वन पेंशन योजना लागू की, जबकि इसकी मांग केंद्र में एनडीए की सरकार के समय से ही होती आ रही थी।
उन्होंने कहा कि चुनाव में एक तरफ वे लोग हैं जो फूट डालकर भाई को भाई से लड़ाते हैं और नफरत को बढ़ावा देकर देश को कमजोर करना चाहते हैं। दूसरी ओर देश की एकता और अखंडता के लिए कुर्बानी देने वाले कांग्रेस के लोग हैं। कांग्रेस सबको साथ लेकर चलती है। ऐसे में फैसला जनता को करना है। उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी आरपीएन सिंह को योग्य और कर्मठ बताते हुए कहा कि इन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए काफी कुछ किया है।