मोदी पर बड़ा वार, सोनिया पूछेंगी ये तीन सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बुधवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधे निशाना साध सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सदन में मुख्य सूचना आयुक्त, केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और लोकपाल जैसे संवैधानिक पदों पर नियुक्ति नहीं करने को लेकर सरकार के खिलाफ काम रोको प्रस्ताव लाएंगी।
सोनिया के आह्वान पर लोकसभा में कांग्रेस के सांसद प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर जवाब मांगेंगे। कांग्रेस के कड़े रुख को देखते हुए बुधवार को लोकसभा में हंगामे के आसार हैं। सोनिया ने बुधवार को लोकसभा में कार्य स्थगन प्रस्ताव के लिए नोटिस दिया है। कांग्रेस सुबह 11 बजे ही इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में है।
पार्टी के सांसदों ने इस मुद्दे पर सपा और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों से भी संपर्क किया है। ताकि सरकार को चारों तरफ से घेरा जाए। कार्यवाही शुरू होने से पहले सोनिया लोकसभा सांसदों की बैठक भी बुला सकती हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सक्रिय होकर मोदी सरकार को घेरने के बाद अब सोनिया ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए
कांग्रेस अध्यक्ष बुधवार शाम को ही अपनी पार्टी के सभी लोकसभा और राज्यसभा सांसदों समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को रात्रि भोज भी देंगी। लोकसभा सचिवालय को भेजे नोटिस में कहा गया है कि सरकार के कामकाज की निगरानी रखने वाले वॉचडॉग जैसी संस्थानों के प्रमुखों को जानबूझकर नियुक्त नहीं किया गया है।
ताकि सरकार पर सवाल उठ नहीं सके। नोटिस में देश में सीआईसी, सीवीसी और लोकपाल की नियुक्ति नहीं होने को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए गए हैं। साथ ही कहा जाएगा कि मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति नहीं होने की वजह से किस तरह सूचना के अधिकार के तहत आवेदन बड़ी संख्या में लंबित हो रहे हैं।
सरकार पर आरोप लगाया जाएगा कि सूचना के अधिकार के कानून के तहत लोगों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री के न खाऊंगा और न खाने दूंगा के नारे को भी निशाने पर लिया जाएगा। सरकार से पूछा जाएगा कि भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और निगरानी रखने वाले लोकपाल और सीवीसी की नियुक्ति नहीं होने की वजह से अनियमितताओं के मामले सामने नहीं आ पा रहे हैं।