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सोनिया हुई फिर आगे, राहुल हुए पीछे

Sat, 14 Jun 2014 08:09 AM IST
Updated Sat, 14 Jun 2014 08:09 AM IST
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sonia come forward take responsibilty, rahul is now back

लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एक बार फिर आगे आकर पार्टी को पटरी पर लाने की कोशिश में जुट गई हैं। इस कोशिश में सोनिया राहुल के मुकाबले ज्यादा सक्रिय हो गई हैं।

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उन्होंने लोकसभा चुनाव में हारे हुए कई वरिष्ठ नेताओं को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वे निराश न हों और पार्टी को मजबूत करने के लिए कड़ी मेहनत करें। संसद में संसदीय दल का नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और उपनेता अमरिंदर सिंह भी सोनिया गांधी की ही पसंद हैं।
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इसके अलावा चुनावी राज्य महाराष्ट्र और हरियाणा में उठ रही नेतृत्व परिवर्तन की मांगों को राहुल गांधी सोनिया की सलाह मशविरे के बलबूते ही निपटा रहे हैं। सोनिया अभी तक सभी प्रदेश अध्यक्षों और कांग्रेस शासित मुख्यमंत्रियों से मिल चुकी हैं। साथ ही कांग्रेस की नई टीम बनाने में राहुल को फ्री हैंड देने के बजाय सोनिया इस काम में अहम भूमिका निभा रही हैं।
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विरोध के सुर कम करने की कोशिश में जुटी

sonia come forward take responsibilty, rahul is now back

कांग्रेस अब आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयारी कर रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि सोनिया गांधी अभी किसी चुनावी राज्य जहां कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां नेतृत्व परिवर्तन करने के पक्ष में नहीं है।

मगर महाराष्ट्र और हरियाणा में उठ रहे विरोधों के सुरों को देखते हुए पार्टी दोनों पक्षों को एक टेबल पर बैठाकर विरोध के सुर कम करने की कोशिश में जुटी हुई हैं। सोनिया महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्यमंत्री के अलावा वहां के असंतोष नेताओं से भी मिल चुकी हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता का दर्जा पाने के मामले में भी सोनिया पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर राय मशविरा कर रही हैं। इस मामले को राहुल नहीं देख रहे हैं। राहुल को मार्गदर्शन देने का सबसे बड़ा सबूत लोकसभा में तब देखने को मिला, जब लोकसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने अच्छा भाषण दिया। सोनिया ने उन्हें बधाई दी। मगर राहुल बिना बधाई दिए सदन से बाहर जा रहे थे तो कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्हें टोककर वापस बधाई देने को भेजा।

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