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संसद में पहली बार सोनिया ने साधा मोदी पर निशाना

Thu, 07 May 2015 12:06 PM IST
Updated Thu, 07 May 2015 12:06 PM IST
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sonia attack on pm modi in parliament

आम जनसभाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सोनिया गांधी यदाकदा हमले बोलती रही हैं, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद यह पहला मौका था जब कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम पर संसद में सीधा हमला बोला। मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी), केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) और लोकपाल की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाने को आधार बनाते हुए सोनिया ने पीएम पर पारदर्शिता के मुद्दे पर सरेआम अपनी बात से पलटने का आरोप मढ़ा। यही नहीं उन्होंने यहां तक कहा कि भाजपा सरकार आरटीआई अधिनियम को निष्प्रभावी बनाने पर तुली है।

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उन्होंने सरकार पर आरोप मढ़ा कि आम जनता को अब सरकार से सीधे सवाल करने का अधिकार नहीं रह गया है। अभी तक सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और कैग को आरटीआई के तहत जवाबदेह नहीं होने और सार्वजनिक जांच से छूट थी, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद अब इस दायरे में पीएमओ और कैबिनेट सचिवालय भी आ गए हैं।
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सरकार ने खारिज किए आरोप

sonia attack on pm modi in parliament

सोनिया ने आंकड़ों के जरिए सरकार पर वार करते हुए कहा कि पिछले आठ महीने से सीआईसी का पद खाली है और तीन सूचना आयुक्तों के पद एक साल से खाली पड़े हैं जिसके चलते 39 हजार सूचना के अधिकार के मामले लंबित पड़े हैं। उन्होंने हमला बोला कि सूचना देने में देरी सूचना नहीं देने के समान है। उन्होंने पीएम को उनके पारदर्शिता और सुशासन के वायदों को याद दिलाते हुए कहा कि गलत काम करने वालों को संरक्षण प्रदान करना किसी भी सरकार के नैतिक मूल्यों का हिस्सा नहीं हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यूपीए सरार की ओर से लाए गए इस मील के पत्थर के कानून ने लाखों लोगों को सशक्त बनाया है।

वहीं गृह राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सीआईसी पद कीपर नियुक्त के लिए चयन समिति अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है, जबकि सीवीसी का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। सीआईसी पर सरकार ने सार्वजनिक रूप से विज्ञापन देकर आवेदन मांगे थे। उन्होंने पलटवार करते  हुए कहा कि यूपीए सरकार में भी सूचना आयुक्तों के कुछ पद खाली थे।

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