भारती को पूछताछ के लिए बुलाएगी पुलिस
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दिल्ली में महरौली थाना पुलिस ने सोमनाथ भारती का नाम मुकदमे में दर्ज कर लिया है। दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोमनाथ भारती को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
युगांडा की पीड़ित युवतियों ने भी कानून मंत्री की पहचान कर ली है और अपने बयानों में सोमनाथ भारती का नाम लिया है। दूसरी तरफ कानून मंत्री के खिलाफ पुलिस में एक और शिकायत आई है। भाजपा नेता ने कानून मंत्री के खिलाफ हौजखास थाने में शिकायत दी है और मामला दर्ज करने की मांग की है।
सोमनाथ के खिलाफ हौजखास थाने में भी शिकायत
मालवीय नगर इलाके में युगांडा की चार युवतियों के साथ दुर्व्यवहार मामले की तफ्तीश में कानून मंत्री का नाम आ गया है। शिकायत में कानून मंत्री का नाम तो नहीं लिखा था पर शिकायत में लोकल एमएलए शब्द लिखा था। युगांडा की पीड़ित युवतियों ने मंगलवार को मजिस्ट्रेट के सामने दिए अपने बयानों में कहा है कि लोकल एमएलए, जिनका नाम अगले दिन टीवी पर देखने पर कानून मंत्री सोमनाथ भारती पता लगा था और वे भीड़ को लीड कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने युगांडा की मौके पर मौजूद कुछ युवतियां, युवक और कुछ स्थानीय लोगों को गवाह बनाया है। पुलिस के पास सीसीटीवी फुटेज हैं। भाजपा नेता आरती शर्मा ने कानून मंत्री सोमनाथ भारती के खिलाफ हौजखास थाने में शिकायत की है। इसमें पीड़ित विदेशी युवती का नाम सार्वजनिक करने का आरोप लगाया है।
जांच रिपोर्ट आने तक संभव नहीं भारती की गिरफ्तारी
युगांडा की युवतियों के साथ दुव्यर्वहार मामले में कानून मंत्री सोमनाथ भारती की गिरफ्तारी फिलहाल संभव नहीं है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अगर भारती के खिलाफ साक्ष्य मिल भी जाते हैं तब भी पुलिस को इंतजार करना पड़ेगा। दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक कानून मंत्री के खिलाफ पुलिस की जांच अभी जारी है। मंत्री के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
मालूम हो कि मालवीय नगर में 16 और 17 जनवरी की रात दिल्ली पुलिस के एसीपी बीएस जाखड़ और कानून मंत्री के बीच हुई नोंकझोंक मामले की न्यायिक जांच हो रही है। वहीं युगांडा की युवतियों के साथ दुव्यर्वहार मामले में कोर्ट के आदेश पर कानून मंत्री के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज है। हर धारा को जायज ठहराने के लिए साक्ष्य जुटाना जरूरी है। सीसीटीवी फुटेज, लोगों के बयान और युगांडा की युवतियों की हुई मेडिकल जांच कानून मंत्री के खिलाफ महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं।