{"_id":"0d89cb14-957e-11e2-b06d-d4ae52bc57c2","slug":"somebody-has-taken-money-in-chopper-deal-antony","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेलीकॉप्टर डील में किसी ने तो रिश्वल ली है: एंटनी","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
हेलीकॉप्टर डील में किसी ने तो रिश्वल ली है: एंटनी
कोच्चि/एजेंसी
Updated Tue, 26 Mar 2013 12:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्षा मंत्री एके एंटनी ने सोमवार को अगस्ता-वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घूसकांड में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
विज्ञापन
उन्होंने साथ ही कहा कि घूसखोरी के आरोपों से घिरे इस सौदे में किसी न किसी ने तो रिश्वत ली है और इसमें शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। एंटनी ने एक बार फिर साफ कर दिया कि उन्होंने संसद में जो वादा किया था, उसे पूरा किया जाएगा।
रक्षा मंत्री ने कहा, मामले की जांच अहम मोड़ पर है। थोड़ा इंतजार कीजिए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना ही ताकतवर क्यों न हो। रक्षा मंत्री के अनुसार सीबीआई को रक्षा मंत्रालय और इटली से मामले से संबंधित अहम दस्तावेज मिले हैं।
विज्ञापन
जांच एजेंसी ने पहले ही 11 लोगों के खिलाफ पीई दर्ज कर ली है, जिसमें पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी भी शामिल हैं। वहीं सीबीआई भी जल्द ही इस मामले में रुपये के लेन-देन से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए यूके, इटली, मॉरिशस और ट्यूनीशिया को आग्रह पत्र भेज सकती है।
विज्ञापन
एंटनी ने साथ ही कहा कि रक्षा मंत्रालय अपनी नई खरीद नीति तैयार करने के अंतिम चरण में है। इसमें सैनिक साजोसामान के स्वदेशीकरण पर जोर होगा। एंटनी के अनुसार हम स्वदेशीकरण को बढ़ावा दिए जाने पर विशेष जोर देने के पक्ष में हैं, खासकर इस क्षेत्र में हमारे अनुभव को देखते हुए नई प्रक्रिया में इस दिशा में प्रयास और तेज किए जाएंगे और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
एंटनी से पूछा गया था कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किए जाने के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि अन्य बातों के बारे में हम जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेना चाहते। एंटनी बोले, रक्षा मंत्रालय की खरीद नीति की हर साल समीक्षा की जाएगी। इससे पहले प्रत्येक दो साल में इसकी समीक्षा की जाती रही है।