फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   some indian nurses returned to iraq

ये दो नर्सें क्यों जा रही हैं इराक?

Sat, 28 Jun 2014 07:28 PM IST
इमरान क़ुरैशी/बीबीसी
इमरान क़ुरैशी/बीबीसी Updated Sat, 28 Jun 2014 07:28 PM IST
विज्ञापन
some indian nurses returned to iraq

शिक्षा ऋण और नौकरी की खातिर लिए गए कर्जे को भरने की मजबूरी भारतीय नर्सों को इराक वापस भेज रही है।

विज्ञापन


चार भारतीय नर्सें इराक के नासारिया क्षेत्र को लौट गई हैं। उन्होंने भारत सरकार को इस बात का हलफनामा दिया है कि वे हिंसाग्रस्त देश में अपनी ज़िम्मेदारी पर लौट रही हैं।

इन नर्सों से कहा गया था कि उन्हें अप्रवासन अधिकारियों के सामने एक आवेदन जमा करना होगा। बातचीत के बाद अधिकारियों ने इनके दस्वावेज जारी कर दिए। नर्सों की 26 जून को रवानगी थी।

विज्ञापन

सरकार को दिया हलफनामा

some indian nurses returned to iraq

शुक्रवार को नसारिया अस्पताल में ड्यूटी ज़्वाइन करने वाली सिंधू ने मीडिया को फ़ोन पर बताया, ''हमने लिखा कि हम इराक़ की स्थितियों से अवगत हैं और इराक़ जाने के अपने निर्णय की पूरी ज़िम्मेदारी लेते हैं।''

आईएसआईस चरमपंथियों द्वारा तिकरित और मोसूल समेत इराक़ के एक बड़े हिस्से पर कब्ज़ा किए जाने के बाद भारत सरकार ने इराक़ की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था।

तीन सप्ताह पहले भारत आईं सिंधू और अन्य तीन नर्सों ने वापस जाने का फैसला तब लिया जब उनकी सहकर्मियों ने उन्हें बताया कि यह इलाक़ा तिकरित या मोसूल की तरह अशांत नहीं है।

इराक में नौकरी के लिए कर्ज कर रहा मजबूर

some indian nurses returned to iraq

सिंधु ने बताया, ''पढ़ाई और नौकरी की ख़ातिर लिए गए ऋण का भार हमें इस ख़तरे को उठाने के लिए मज़बूर कर रहा है।'' इराक़ के हालात को लेकर उनके परिजनों काफ़ी चिंतित हैं।

लेकिन सभी नर्सें ये ख़तरा उठाने के लिए तैयार नहीं हैं। नोबी थॉमस और एक अन्य नर्स ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। थॉमस ने बैंक से साढ़े चार लाख का शिक्षा ऋण लेकर नर्सिंग का कोर्स पूरा किया।

उन्होंने एक रिक्रूटमेंट एजेंसी को देने के लिए भी डेढ़ लाख रुपये का ऋण लिया। नसारिया में नौकरी मिलने के बाद अगस्त से ही उन्होंने ऋण चुकाना शुरू किया था।

विज्ञापन

इराक से वापस आना चाहती हैं कुछ नर्सें

some indian nurses returned to iraq

केरल के कोट्टायम ज़िले की थॉमस ने कहा कि यदि वो भारत में काम करेंगी तो कभी ऋण नहीं चुका पाएंगी। उन्होंने कहा, ''अब मैं सउदी अरब या क़तर जैसे शांत देशों में नौकरी पाने की कोशिश करूंगी।''

तिकरित में मौजूद 46 नर्सों में से कम से कम 14 भारत वापस आना चाहती हैं, लेकिन बाक़ी नर्सें इराक़ के अपेक्षाकृत शांत इलाक़ों में जाना चाहती हैं।

ऋण ही वो मजबूरी है जिसके कारण चार और नर्सें जुलाई के प्रथम सप्ताह में वापस इराक़ जाना चाहती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed