गैस सब्सिडी: नहीं है आधार कार्ड, न अकाउंट तो क्या करें
सरकार ने 1 जनवरी 2015 से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर ऑफ एलपीजी (DBTL) स्कीम के तहत सब्सिडी सीधे अकाउंट में भेजने की घोषणा तो कर दी है, लेकिन बहुत सारे लोगों के गैस कनेक्शन अभी भी बैंक अकाउंट या आधार कार्ड के साथ लिंक नहीं हैं।
एलपीजी गैस की सब्सिडी सीधे अकाउंट में पाने के लिए आपके पास या तो आधार कार्ड होना चाहिए या फिर बैंक अकाउंट। आपको बता दें कि सरकार ने इस स्कीम को अब पहल (प्रत्यक्ष हस्तांतरित लाभ) नाम दे दिया है।
अगर आपके पास आधार कार्ड है तो आप अपने आधार नंबर अपने बैंक और एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटर को दे सकते हैं। अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो आप अपने बैंक अकाउंट के बारे में जानकारी अपने बैंक को दे सकते हैं या फिर अपनी 17 डिजिट की एलपीजी आईडी अपने बैंक को बता सकते हैं।
आधार या बैंक अकाउंट न होने पर क्या?
आपको बता दें कि अगर आपके पास न आधार कार्ड है और न ही बैंक अकाउंट तो आप सब्सिडी सीधे खाते में पाने का लाभ नहीं ले पाएंगे। इसके लिए आपको पहले बैंक अकाउंट खुलवाना होगा और सीधे सब्सिडी का लाभ लेने के लिए खुद को रजिस्टर करना होगा।
आपको बता दें कि सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता को मुहैया कराने की योजना 'पहल' स्कीम से जुड़ते समय घरेलू रसोई गैस उपभोक्ता के खाते में अग्रिम सब्सिडी के रूप में एक निश्चित राशि जमा करवाई जाएगी, जिसकी सहायता से वे बाजार भाव से रसोई गैस सिलेंडर खरीद सकेंगे। बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी एक खबर के मुताबिक यह राशि 568 रुपए हो सकती है।
नहीं रजिस्टर कराने पर क्या होगा?
सरकार ने (पहल) की शुरुआत 15 नवंबर 2014 को ही कर दी थी। आपको बता दें कि अगर आप इस स्कीम के तहत 14 फरवरी 2015 (3 महीने) तक भी रजिस्टर नहीं होते हैं तो भी आपको सब्सिडी वाला सिलेंडर मिलेगा। 14 फरवरी के बाद सभी को सिलेंडर बाजार कीमत पर ही मिलेगा।
14 फरवरी के बाद 3 महीने तक यानी 15 मई तक अगर आप इस स्कीम के साथ जुड़ जाते हैं तो इन महीनों की सारी सब्सिडी आपके अकाउंट में डाल दी जाएगी, लेकिन अगर 15 मई तक भी आप पहल स्कीम से नहीं जुड़ते हैं तो आपको गैस बाजार कीमत पर ही मिलेगी।
इसके बाद जब भी आप इस स्कीम के तहत खुद को रजिस्टर करेंगे तो उस दिन से ही आपके खाते में सब्सिडी आनी शुरू होगी। साथ ही, आपके अकाउंट में एक बार मिलने वाली रकम भी क्रेडिट कर दी जाएगी।