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अटल बिहारी वाजपेयी के ये चार वीडियो जरूर सुनना चाहेंगे आप

Thu, 25 Dec 2014 12:15 PM IST
Updated Thu, 25 Dec 2014 12:15 PM IST
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Great speech of former Atal Bihari Vajpayee; Bharat Ratan Awards

यह वीडियो साल 1997 में पत्रकार तवलीन सिंह के एक साक्षात्कार का हिस्सा है जिसे खुद उन्होंने एडिट किया था। इस वीडियो में अटल जी उम्दा तरीके से कविता पाठ कर रहे हैं। अटल जी कह रहे हैं कवि उदास है लिखने की इच्छा नहीं है फिर भी लिखता है। इस तरह से शुरू करता हूं।

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गीत नहीं गाता हूं, गीत नहीं गाता हूं
बेनकाब चेहरे हैं दाग बड़े गहरे हैं
टूटता तिलस्म आज सच से भय खाता हूं
गीत नया गाता हूं


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'स्वतंत्र भारत का मस्तक नहीं झुकेगा'

Great speech of former Atal Bihari Vajpayee; Bharat Ratan Awards

अटल बिहारी वाजपेयी का यह वीडियो अमेरिका और पाकिस्तान के बीच हुए एक समझौते का है जिस पर उन्होंने अपनी कविता के जरिए तंज कसने की सफल कोशिश की है।

अटल जी ने कहा, "पाकिस्तान का जब से जन्म हुआ है अमेरिका उसकी पीठ थपथपा रहा है...असल में देश का बंटवारा तो साम्राज्यवादियों की एक चाल है। शीत युद्ध का सहारा लेकर और ये सोचकर कि पाकिस्तान साम्यवाद के विरूद्ध एक मोर्चा बनेगा अमेरिका ने उसे शस्त्र दिए। समझौता किया। जब पहले अमेरिका और पाकिस्तान के बीच समझौता हुआ था तो देश में व्यापक रोष उत्पन्न पैदा हुआ था।" उन्होंने राष्ट्रीय संकल्प को प्रकट करती हुई अपनी कविता सुनाई.....

एक नहीं दो नहीं करों बीसों समझौते (ये पाकिस्तान से कहा गया है)
पर स्वतंत्र भारत का मस्तक नहीं झुकेगा.............



परमाणु परीक्षण पर बोले अटल

Great speech of former Atal Bihari Vajpayee; Bharat Ratan Awards

अटल बिहारी ने परमाणु परीक्षण पर भी सदन में उम्दा भाषण दिया। उन्होंने सदन में कहा, "ये आश्चर्य है कि परमाणु परीक्षण की भी आलोचना की गई। पूछा गया देश के सामने कौन सा खतरा था मैं 1974 में सदन में था जब इंदिरा गांधी की सरकार ने परमाणु परीक्षण किया था। हम विपक्ष में थे फिर भी हमने स्वागत किया था।"

उन्होंने कहा, "उस वक्त कौन सा खतरा था। क्या आत्मरक्षा की तैयारी तभी होगी जब खतरा होगा। अगर तैयारी पहले से हो तो आने वाला खतरा भी दूर हो जाएगा खतरा अमल में नहीं आएगा। इसीलिए हमने परमाणु परीक्षण किया। कोई छुपी हुई बात नहीं थी कोई रहस्य नहीं था।"


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अविश्वास प्रस्ताव पेश करते अटल बिहारी वाजपेयी

Great speech of former Atal Bihari Vajpayee; Bharat Ratan Awards
सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के दौरान अटल ने कहा, "अध्यक्ष महोदय यह प्रस्ताव पेश करते हुए मेरे हृदय में मिली जुली भावनाएं हैं। बरबस मेरा ध्यान 28 मई 1996 की ओर जाता है उस दिन इसी सदन में इसी स्थान से मैने उस समय की अपनी सरकार के लिए विश्वास मत की मांग की थी। तब से लेकर नदियों में बहुत सा पानी बह गया है।"

उन्होंने कहा, "लोकतंत्र की सरिता अबाध गति से बहती रहे यह आवश्यक है, लेकिन कभी कभी ऐसा लगता है कि वो सरिता अविश्वास के भंवर में फंसकर अपना प्रवाह खो रही है। मैने त्यागपत्र दिया क्योंकि मैं अल्पमत में था। अंपायर मुझसे कहते कि मैं मैदान के बाहर चला जाऊं मै उससे पहले ही मैदान छोड़ दिया। लेकिन उसके बाद जो घटनाचक्र चला है उसपर इस देश के गंभीरता से विचार करना होगा। 1989 से विश्वास मत के भंवर में पड़े लोकतंत्र का चक्र हमें चिंता पैदा करता है।"

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