कुछ ताकतें हमें बदनाम करने में जुटी: संघ
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने रविवार को दादरी जैसी हालिया कुछ निंदनीय घटनाओं के साथ उसका नाम जोड़े जाने के आरोपों का खंडन किया है। संघ का कहना है कि अनावश्यक रूप से इन सब में उसका नाम घसीटा जा रहा है। संघ ने उसे बदनाम करने इन कोशिशों को कुछ ताकतों की साजिश करार दिया।
इसके अलावा संगठन ने उन आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया कि उसने आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग की है। संघ ने कहा कि वह आरक्षण के पक्ष में है। संघ ने हिंदू संस्कृति और संगठनों का उपहास उड़ाने की कुछ तत्वों की कुटिल कोशिशों को अत्यधिक दुखद करार दिया। संगठन ने देश में हाल के दिनों में हुई कुछ निंदनीय घटनाओं के साथ संघ का नाम जोड़े जाने की कुछ ताकतों की कोशिशों की सच्चाई सामने लाने को कहा।
संघ के सर कार्यवाह भैयाजी जोशी ने कहा कि कुछ ताकतें देश में पिछले कुछ दिनों में घटित अलग अलग घटनाओं में संघ का नाम जोड़कर उसे बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने इसे हिंदू समाज का अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि हम हमेशा से ऐसी घटनाओं की निंदा करते रहे हैं क्योंकि ऐसी घटनाएं समाज के लिए सही नहीं हैं। उन्होंने इन घटनाओं की तह तक जाने पर जोर देते हुए कहा कि इनकी सच्चाई सामने आने चाहिए।
'आरक्षण जरूरी'
उन्होंने कहा कि संघ पहले भी ऐसे आरोपों को झेल चुका है लेकिन इन आरोपों
की तह तक जाने में इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं मिली। जोशी ने यह बात देश
में असहिष्णुता बढ़ने के मामलों में संघ का नाम आने संबंधी सवाल के जवाब
में कही।
आरक्षण पर संघ प्रमुख के बयान संबंधी सवाल पर जोशी ने कहा कि संगठन प्रमुख मोहन भागवत ने जो कहा था, उसे सही ढंग से पेश नहीं किया गया। उन्होंने कभी भी आरक्षण नीति की समीक्षा करने की बात नहीं कही। यह समाज के लिए अनिवार्य है। जोशी ने कहा कि समाज के लिए जब तक आरक्षण की आवश्यकता है तब तक इसे जारी रहना चाहिए।
हम यह बात लगातार कहते रहे हैं। भागवत के आरक्षण संबंधी बयान को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और जदयू नेता नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान जमकर उछाला।