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आरक्षण का यादव, कुर्मी और जाटों को मिला ज्यादा फायदा
योगेंद्र मिश्र/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Fri, 04 Oct 2013 01:54 PM IST
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संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत पिछड़ी जातियों को मिलने वाले आरक्षण का असली लाभ कुछ पिछड़ी जातियों तक ही सीमित रह गया। पिछड़ों में दूसरे वर्ग इसका सही लाभ उठा पाने से वंचित रह गए।
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कमोबेश अनुसूचित जातियों के साथ भी ऐसा ही हुआ। एससी जातियों में कुछ वर्ग सरकारी नौकरियों में अपनी आबादी के अनुपात में अधिक लाभ उठा रहे हैं।
वर्ष 2001 में सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट बताती है कि किस प्रकार से आरक्षित वर्ग में भी आरक्षण का लाभ कुछ लोग ही पा सके हैं।
रिपोर्ट में पिछड़े वर्ग की सभी 79 जातियों के लोक सेवायोजन में प्रतिनिधित्व का विश्लेषण किया गया। उनके अनुपातिक जनसंख्या से सेवायोजन की तुलना की गई।
रिपोर्ट में अनुपातिक प्रतिनिधित्व सूचकांक की सहायता से तैयार किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि ‘कुछ जातियों मसलन यादव, कुर्मी, जाट आदि अपेक्षाकृत अधिक लाभान्वित हुए हैं।
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वहीं, कुछ अन्य जातियों जैसे केवट, मल्लाह, निषाद, मोमिन (अंसार), कुम्हार, कश्यप, भर, राजभर जातियां अभी भी सेवायोजन से वंचित हैं।
पिछड़े वर्ग की 79 जातियों की सेवायोजन स्थिति एवं आनुपातिक प्रतिनिधित्व सूचकांक से स्पष्ट है कि अनुसूचित जातियों की तरह ही पिछड़ा वर्ग की कुछ जातियां जहां अपनी जनसंख्या के अनुपात से कहीं अधिक लाभ उठा चुकी हैं, वहीं दूसरी जातियां अपनी जनसंख्या के अनुपात से कम ही लाभ उठा पाई हैं।
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कुछ जातियां तो अपनी जनसंख्या के दसवें हिस्से के बराबर भी लाभान्वित नहीं हुई हैं। हाईकोर्ट ने इस पर विचार करते हुए कहा है कि प्रदेश में 1989 से पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण दिया जा रहा है।
कोर्ट ने कहा कि दो दशक से अधिक समय बीत चुका है। जब तक सरकार यह सुनिश्चित नहीं करती है कि सभी पिछड़ों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके, तब तक आरक्षण को जारी रखने से इसके असंवैधानिक होने का खतरा है।
किन जातियों को कितना प्रतिनिधित्व
वर्ष 2001 की रिपोर्ट के अनुसार अनुसूचित जातियों में चमार, धूसिया, जाटव का विभिन्न सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व
ग्रुप ए में----------60.93 प्रतिशत
ग्रुप बी में---------68.95 प्रतिशत
ग्रुप सी में---------61.23 प्रतिशत
ग्रुप डी में---------45.50 प्रतिशत
औसत-------------59.67 प्रतिशत
वर्ष 2001 की रिपोर्ट के अनुसार पिछड़ा वर्ग में अहीर, यादव, यदुवंशी और ग्वाला वर्ग का विभिन्न सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व
ग्रुप ए में---------30.26 प्रतिशत
ग्रुप बी में--------40.29 प्रतिशत
ग्रुप सी में--------33.84 प्रतिशत
ग्रुप डी में--------25.05 प्रतिशत
औसत------------34.49 प्रतिशत