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हनुमंथप्पा का निधन, पीएम मोदी ने दी श्रद्धाजंलि

Thu, 11 Feb 2016 07:05 PM IST
Updated Thu, 11 Feb 2016 07:05 PM IST
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soldier hanumanthappa life is critical now

लांस नायक हनुमंथप्पा का निधन हो गया है। सियाचिन में हुए हिमस्खलन की चपेट में आने से बुरी तरह से घायल हो गए लांस नायक हनुमंथप्पा आखिर जिंदगी की जंग हार गए। लांस नायक हनुमंथप्पा ने सुबह 11.45 मिनट पर दिल्ली के आर्मी अस्पताल में अंतिम सांस ली। हनुमनथप्पा तीन दिन तक वेंटीलेटर पर मौत को हराने की कोशिश कर रहे थे।

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सियाचिन में आए हिमस्लखन में लांस नायक हनुमंथप्पा को 35 फीट मोटी बर्फ के नीचे से निकाला गया था। पर इसके बाद भी वो जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे। बुधवार शाम को आर्मी अस्पताल की तरफ से जारी हेल्थ बुलेटिन में बताया गया था कि हनुमंथप्पा की हालत बहुत नाजुक बनी हुई थ्ाी। उनके फेफड़ो में निमोनिया हो गया। उनके तीसरे हेल्थ बुलेटिन में इस बात की पुष्टि की गई थी कि उनके दिमाग में आक्सीजन की कमी हो गई है।
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आपको बताते चले कि जब हनुमंथप्पा को सियाचिन में बर्फ के नीचे के निकाला गया तो उनकी नाड़ी चल रही थी। -45 डिग्री सेल्सियस तापमान में वह पांच दिनों तक बर्फ के नीचे दबे रहे। समंदर से 19,600 फीट की ऊंचाई पर स्थित सियाचिन ग्लेशियर पर तीन फरवरी को आए बर्फीले तूफान ने हनुमंथप्पा के 9 साथियों की जान लेली।
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हनुमंथप्पा का बचना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा थ्ाा। जानकारों के मुताबिक, बर्फीले तूफान में 35 मिनट से ज्यादा दबने के हालत में 27 फीसदी व्यक्ति ही जीवित रह पाए, जबकि हनुमंथप्पा पांच दिनों तक बर्फ की मोटी दीवार के नीचे दबे रहे।

'जानलेवा हालात में भी उन्हें बचाकर रखा'

soldier hanumanthappa life is critical now

अपने जीवन के बल पर वह हाई एल्टिट्यूड पल्मनरी ओडीमा, सेरेब्रल ओडीमा, हाइपोथर्मिया, हाइपोक्सिया जैसे बीमारियों से संघर्ष करते रहे। हनुमंथप्पा रोजना योग किया करते थे। माना जा रहा है कि योग ने जानलेवा हालात में भी उन्हें बचाकर रखा थ्‍ाा।

लगभग 13 सालों से सेना में कार्यरत हनुमंथप्पा खुद रोजना योग करते और सांस की कई एक्सरसाइज किया करते थ्‍ाे। वे अपने साथी सैनिकों को भी योग के लिए उत्साहित करते थ्‍ाे। मेल टूडे से बातचीत में ये जानकारी 14 कॉर्प्स में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा ‌विज्ञान ये बेहतर बता पाएगा कि हनुमंथप्पा कैसे बच पाए थ्‍ाे, हालांकि हमारा मानना है कि योग के कारण ही उनकी जान बच पाई थ्‍ाी। हालांकि लंबे समय तक माइनस 45 डिग्री सेल्सियस की ठंड में रहने के कारण उनकी किडनी और लीवर पर बुरा असर पड़ा थ्‍ाा।

उल्लेखनीय है‌ कि तीन फरवरी को आए बर्फीले तूफान में सियाचिन के उत्तरी ग्लेसियर पर बनी 19 मद्रास पोस्ट पर तैनात सभी 10 सैनिक दब गए थे। जवानों की खोजबीन के लिए 200 सदस्यों की बचाव टीम लगाई गई ‌थी, जो अत्याधुनिक उपकरणों से लैस थी।

'गर्व है आपने देश की रक्षा की'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लांस नायक हनुमंथप्पा के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि हमें गर्व है कि आपके जैसों शहीदों ने भारत की रक्षा की। आप आज हमें इस घड़ी में छोड़ कर चले गए हैं। इसका हमें दुख है।



केंद्रीय संसदीय मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि लांस नायक हनुमंथप्पा के निधन से हमें काफी दुख है। वह एक बहादुर व्यकित थे जो सियाचिन में देश की रक्षा कर रहे थे।





कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने उसकी मृत्यु पर ट्वीट करते हुए कहा कि लांस नायक हनुमंथप्पा ने पूरी दुनिया को अपनी बहादुरी का परिचय दिया है। अंत तक उन्होंने हार नहीं मानी। मेरी सहानुभूति और संवेदनाएं उस बहादुर परिवार के साथ हैं।







योगेंद्र यादव ने हनुमंथप्पा की मृत्यु पर शोक जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे बहादुर जवान को नमन जिन्होंने विषम परिस्थितियों में भी देश की सरहद को सुरक्षित रखा।





रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि अंतिम समय तक लड़ने वाले बहादुर लांस नायक हनुमंथप्पा का नमन।



एक एक कर साथ छोड़ने लगे थे शरीर के अंग

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वहीं हनुमंथप्पा की मौत के बाद आर्मी के आरआर हॉ‌स्पिटल के डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल एसडी दुहन ने बताया कि जब उन्हें यहां लाया गया तो उनके शरीर का तापमान तो सामान्य था, लेकिन धड़कनें थोड़ी तेज थी और बीपी लगातार गिर रहा था।

इसके छह घंटे बाद ही उनकी किडनियों ने पूर तरह काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद हमने तमाम एहतियाती कदम उठाए लेकिन समय के साथ ही उनका नर्वस सिस्टम और दिल ने काम करना बंद कर दिया।

कई दिन तक बर्फ में रहने के कारण उनके शरीर में खून की आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिससे धीरे धीरे शरीर के अंग शिथिल पड़ते चले गए। कोशिकाओं में ऑक्सीजन और ग्लूकोज की कमी के कारण मेटोबॉलिक सिस्टम ने भी काम करना बंद कर दिया। यही वजह रही कि धीरे धीरे उनके मस्तिष्क ने भी काम करना बंद कर दिया। उनकी मौत से कुछ देर पहले मस्तिष्‍क पूरी तरह साथ छोड़ चुका था। अंत में हार्ट अटैक के चलते उनकी मौत हुई।

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