चांडी पर FIR का आदेश देने वाले जज ने मांगा VRS
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सोलर घोटाले में फंसे केरल के मुख्यमंत्री ओमान चांडी और ऊर्जा मंत्री ए मोहम्मद को बड़ी राहत मिली है। केरल हाईकोर्ट ने दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के विजिलेंस कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने अपने प्रशासनिक विभाग को विजिलेंस कोर्ट के जज के खिलाफ कार्रवाई पर विचार करने के लिए भी कहा है। इसके कुछ ही घंटों बाद सीएम और मंत्री के खिलाफ फैसला सुनाने वाले स्पेशल जज एसएस वासन ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की इजाजत मांग ली। उन्होंने हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को इस बारे में अनुरोध भेजा है।
हाईकोर्ट के जज पी उबैद ने चांडी और मोहम्मद की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनके पक्ष में आदेश दिया है। याचिका में कहा गया था कि विजिलेंस कोर्ट ने अखबार की खबरों के आधार पर सुनवाई की और गलत फैसला दिया।
विजिलेंस कोर्ट के जज के खिलाफ कार्रवाई पर विचार करने का निर्देश
अदालत ने अपने न्यायिक क्षेत्र को लेकर गंभीर गलती की है। हाईकोर्ट ने भी इस दलील को माना और पाया कि जांच आयोग तथा स्पेशल जज (विजिलेंस) ने अपनी शक्तियों के दायरे और प्रकृति को जाने बिना मशीनी रूप से काम किया। विजिलेंस कोर्ट ने न्यायिक क्षेत्र को लेकर गलती की है।
हाईकोर्ट ने उसके आदेश पर दो महीने के लिए रोक लगाई है। सुनवाई के बाद मुख्यमंत्री चांडी ने कहा कि उनके खिलाफ लगे आरोप राजनीति साजिश का हिस्सा हैं। सरकार इसका पता लगाएगी। दूसरी ओर हाईकोर्ट की कड़ी आलोचना के कुछ ही घंटों बाद स्पेशल जज वासन ने पद छोड़ने की पेशकश कर दी। वह अगले साल मई में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
चांडी पर लगे नए आरोप
सोलर पैनल घोटाले की मुख्य अभियुक्त सरिता एस नायर ने मुख्यमंत्री ओमान चांडी के खिलाफ नए आरोप लगाए हैं। नायर के अनुसार सीएम ने नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित बिजनेस करने के लिए उनसे एक नई कंपनी बनाने को कहा था। इसमें चांडी के बेटे समेत परिवार के दूसरे सदस्यों को शामिल करने की बात कही गई थी।