फर्जी मुठभेड़ में शाह के नार्को टेस्ट की मांग
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सोहराबुद्दीन शेख और तुलसीराम प्रजापति फर्जी मुठभेड़ मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को निजी तौर पर पेश होने से छूट दे दी है।
शाह ने याचिका दायर कर कहा कि वह राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष हैं और विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर नेताओं के साथ बैठक करने में व्यस्त हैं। सीबीआई के विरोध के बावजूद कोर्ट ने इसे स्वीकार कर शाह को छूट दे दी।
उधर कथित तौर पर फर्जी मुठभेड़ में मारे गए शेख के भाई ने शाह और 37 अन्य आरोपियों के नार्को टेस्ट कराने की मांग की है। अदालत 14 अगस्त को इस पर सुनवाई कर सकती है।
सीबीआई के आरोप पत्र में शाह का नाम
विशेष सीबीआई जज बीएस लोया के समक्ष याचिका दायर करने वाले शेख के भाई रुबाबुद्दीन ने कहा कि सीबीआई अभी तक यह फैसला नहीं कर सकी है कि उसके भाई की हत्या के पीछे किसकी साजिश थी। न ही आरोपियों की भूमिका तय की गई है।
सोहराबुद्दीन के भाई रुबाबुद्दीन के वकील ने केस के ट्रांसफर मामले को चुनौती देने के लिए भी कुछ समय मांगा। जज लोया से पहले यह केस जज जेटी उत्पत के पास था, जिनका ट्रांसफर पुणे कर दिया गया था। सीबीआई ने आरोप पत्र में गुजरात के पूर्व गृह राज्य मंत्री अमित शाह और 37 अन्य के नाम शामिल किए हैं।