दीप्ति का चाकू की नोंक पर हुआ था अपहरण, इस कार में आई घर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी के गाजियाबाद से बुधवार की रात गायब हुई दीप्ति सरना अपने घर वापस आ गई है। घर आने के बाद उसने पुलिस को बताया कि बुधवार की रात जब वह शेयरिंग ऑटो से घर आ रही थी इसी दौरान कुछ लोगों ने चाकू के दम पर उसका अपहरण कर लिया और उसके आंख पर पट्टी बांधकर उसे अज्ञात जगह लेकर गए।
गाजियाबाद के एसएसपी धर्मेद्र यादव के मुताबिक दीप्ति ने बताया कि बुधवार की रात वह वैशाली से शेयरिंग ऑटो में अपने घर की ओर आ रही थी। इसी दौरान वह ऑटो खराब हो गई। इस वजह से उसने दूसरी शेयरिंग ऑटो की। उस ऑटो में एक युवती के अलवा दो युवक भी बैठे थे। अचानक से ऑटो गलत रास्ते पर जाने लगा तो दीप्ति ने उनसे कहा कि वे गलत रास्ते पर जा रहे है। इस दौरान अपहरणकर्ताओं ने गाड़ी रोककर उसमें बैठी एक और युवती को रास्ते में ही उतार दिया और दीप्ति को चाकू की नोंक पर अगवा कर लिया।
एसएसपी के मुताबिक अपहरणकर्ताओं ने पहले दीप्ति की आंखों पर पट्टी बांध दी और उसके बाद उसे एक कार में बैठाकर किसी अज्ञात जगह लेकर गए। जब उसकी तलाश तेज हुई तो अपहर्ताओँ ने उसे शुक्रवार सुबह एक ट्रेन में बैठा दिया। उस वक्त दीप्ति नशे की हालत में थी। जब उसे होश आया तो उसे नरेला स्टेशन दिखाई दिया जिसके बाद उसने फोन करके अपने परिवार वालों की इसकी जानकारी दी।
अखिलेश ने ट्वीट से दिए निर्देश
गौरतलब है कि ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी स्नैपडील में सॉफ्टवेयर इंजीनियर
दीप्ति (23) बुधवार की रात गाजियाबाद के वैशाली से घर जाते वक्त अपहरण हो गया था। पुलिस के मुताबिक बुधवार की रात दीप्ति वैशाली मेट्रो से अपने घर कविनगर के
लिए चली थी। इस दौरान वह अपने पिता से फोन पर बात कर रही थी। हिंडन पुल के
पास अचानक ही दीप्ति ने फोन पर पिता को बताया कि ऑटो चालक उसे गलत रास्ते
पर ले जा रहा है। इसके बाद उसका फोन कट गया।
पुलिस ने रात में ही
दीप्ति को काफी तलाश किया, मगर उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने सर्विलांस
का सहारा लिया तो दीप्ति के मोबाइल की लोकेशन मोरटी के जंगलों तक मिली।
बृहस्पतिवार सुबह एसएसपी धर्मेंद्र सिंह कई थानों की फोर्स के साथ मोरटी
गांव पहुंचे। मोरटी गांव में दीप्ति की तलाश की गई, नंदग्राम, राजनगर
एक्सटेंशन और वैशाली मेट्रो स्टेशन के रूट पर चलने वाले 100 से अधिक ऑटो
चालकों से पूछताछ की गई।
मुख्यमंत्री के इस ट्वीट के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आ गया। मेरठ जोन के आईजी भी शाम को गाजियाबाद पहुंचे और मोरटी के जंगलों की खाक छानी। उधर पुलिस की कार्रवाई से क्षुब्ध दीप्ति के परिजनों ने देर शाम हापुड़ रोड पर जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान जाम लगा रहे लोगों ने एसपी सिटी से धक्का-मुक्की भी की।
वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें
दीप्ति का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए उसके परिवार वालों ने जमकर प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि लापता दीप्ति मामले में एसओजी मेरठ और एसटीएफ टीम को भी लगा दिया था। एसएसपी ने दीप्ति का पता लगाने के लिए 24 घंटे का समय मांगा था जिसके बाद लोगों ने जाम खोल दिया।
लापता होने के दो दिन बाद दीप्ति सकुशल अपने घर वापस आ गई।
देखें वीडियो