भारत पर शरीफ के नरम रुख पर भड़के कट्टरपंथी
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भारत से रिश्ते सुधारने और शांति बहाली की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ एक बार फिर कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं।
कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले आतंकी संगठनों समेत कई कट्टरपंथी समूहों ने शरीफ सरकार पर भारत के प्रति नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
इन कट्टरपंथी समूहों की अगुवाई आतंकी संगठन जमात उद दावा के सरगना और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने की, जिसने नेशनल प्रेस क्लब के बाहर एक प्रेस कांफ्र्रेंस कर विरोध जताया।
'कश्मीर के साथ धोखा नहीं करना चाहिए’
राजधानी इस्लामाबाद में तीन साल बाद हाफिज की यह पहली बड़ी सार्वजनिक सभा
थी। हाफिज ने जहां सभा में शरीफ सरकार की खिंचाई की, वहीं सेनाध्यक्ष जनरल
राहील शरीफ की तारीफ भी की।
हाफिज ने कहा, ‘प्रधानमंत्री को कायदे आजम
(मुहम्मद अली जिन्ना), लियाकत खान और देश की नींव रखने वाले दूसरे नेताओं
के नक्शेकदम पर चलना चाहिए। उन्हें कश्मीर के साथ धोखा नहीं करना चाहिए।’
आतंकी सरगना ने इस दौरान पठानकोट हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकी संगठन
यूनाईटेड जिहाद काउंसिल का समर्थन भी किया।